फुटबॉल पर तंज, TMC के नए नाम और चिन्ह पर गरमाई बंगाल सियासत
फुटबॉल पर तंज के साथ असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गुट के नए चुनाव चिन्ह पर टिप्पणी की है।

ममता बनर्जी और हिमंत बिस्वा शर्मा : प्रतीकात्मक फोटो
गुवाहाटी, असम। हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के गुट के नए चुनाव चिन्ह पर टिप्पणी की। निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को Mamata All India Trinamool Congress नाम और फुटबॉल खिलाड़ी वाला चिन्ह दिया था। यह फैसला बंगाल में 6 अक्टूबर को होने वाले 2 विधानसभा उपचुनावों से पहले आया है। पुराने Trinamool Congress नाम और Jora Ghash Phul चिन्ह को लेकर निर्वाचन आयोग ने अस्थायी व्यवस्था की है। दूसरी ओर अरूप राय के नेतृत्व वाले गुट को Democratic Trinamool Congress नाम और लिफाफा चिन्ह मिला है। इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच हिमंत ने फुटबॉल चिन्ह को लेकर तंज कसा और कहा कि यह भी जल्द खत्म हो जाएगा। [1]
नंदीग्राम पर भी बयान
हिमंत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और नंदीग्राम उपचुनाव से जुड़े घटनाक्रम पर भी टिप्पणी की। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार को 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन से जुड़े 4 लंबित गैर जमानती वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक इन मामलों में हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के उम्मीदवार को हटाकर कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की है। गिरफ्तारी के बाद राहुल गांधी और कांग्रेस ने कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया और इसे लोकतंत्र की हत्या कहा। हिमंत ने पुलिस कार्रवाई का बचाव किया और कांग्रेस से आपराधिक मामलों का सामना कर रहे उम्मीदवार को मैदान में उतारने पर सवाल किया।
बढ़ी राजनीतिक हलचल
पश्चिम बंगाल में आगामी उपचुनावों से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ममता बनर्जी के गुट को नया नाम और फुटबॉल खिलाड़ी वाला चिन्ह मिलने के बाद चुनावी पहचान का मुद्दा चर्चा में है। निर्वाचन आयोग की व्यवस्था के तहत अरूप राय के नेतृत्व वाले दूसरे गुट को अलग नाम और चिन्ह मिला है। इस बदलाव के बीच दोनों पक्षों की राजनीतिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं। ममता के नए चुनाव चिंह फुटबॉल पर तंज के साथ हिमंत ने अपने बयान में ममता बनर्जी के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी दावा किया और पश्चिम बंगाल में उनकी वापसी की संभावना से इनकार किया। यह उनका राजनीतिक आकलन है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि किसी भविष्यवाणी के रूप में नहीं की जा सकती। राज्य में उपचुनाव के नतीजे ही आगे की तस्वीर स्पष्ट करेंगे।
चुनाव से पहले नया विवाद
फुटबॉल पर तंज के साथ सामने आया यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल फिर सक्रिय हो रहा है। नंदीग्राम सीट से जुड़े घटनाक्रम और तृणमूल के नाम तथा चिन्ह को लेकर विवाद ने राजनीतिक चर्चा को और बढ़ाया है। हिमंत ने ममता बनर्जी के नए चुनाव चिन्ह को लेकर टिप्पणी की और कांग्रेस के नंदीग्राम उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाया। दूसरी ओर कांग्रेस ने गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। इन दावों पर संबंधित पक्षों के अलग अलग रुख सामने आए हैं। अब 6 अक्टूबर के उपचुनाव और उससे पहले होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रहेगी। फुटबॉल पर तंज का यह बयान इसी व्यापक चुनावी घटनाक्रम का हिस्सा है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। नेताओं के राजनीतिक आरोपों और दावों को संबंधित पक्षों के बयान के रूप में प्रस्तुत किया गया है और उन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना गया है। चुनावी घटनाक्रम और निर्वाचन आयोग से जुड़े तथ्य उपलब्ध आधिकारिक तथा समाचार स्रोतों के आधार पर दिए गए हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।