पुष्पदंत कल्याणक दिवस पर जैन मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान
कोटा के विज्ञान नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में पुष्पदंत भगवान के मुख्य कल्याणक दिवस पर भव्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया।

कल्याणक दिवस कार्यक्रम
कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। कोटा के विज्ञान नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में पुष्पदंत भगवान के मुख्य कल्याणक दिवस पर भव्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से पूजन और अर्चन किया तथा जीवन में लोभ सबसे प्रबल विषय पर विशेष प्रवचन सुने गए। कार्यक्रम की शुरुआत में सीताराम जैन और मनोरमा बाबरिया द्वारा विधिवत पूजन कराया गया। इस दौरान निर्वाण कांड का वाचन कर भगवान को निर्वाण मोदक अर्पित किए गए, जिसे चढ़ाने का सौभाग्य अनिल एवं सुनीता ठौरा को प्राप्त हुआ। मंदिर परिसर में गूंज रहे भजनों और धार्मिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
धार्मिक अनुष्ठान
प्रवचन के दौरान वक्ताओं ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य जीवनभर पर पदार्थों को एकत्र करने में लगा रहता है। जिन चीजों को पाने के लिए वह अपना पूरा जीवन खपा देता है, वे उसे कभी भी स्थायी सुख प्रदान नहीं कर पाती हैं। आत्मा को अपवित्र करने वाली कषायों में लोभ सबसे प्रबल माना गया है, जो इंसान को लगातार इच्छाओं के जाल में फंसाए रखता है। मंदिर अध्यक्ष राजमल पाटौदी ने जानकारी दी कि इस धार्मिक आयोजन के दौरान मुख्य शांति धारा जैन सोशल ग्रुप चंबल सिटी की ओर से की गई। पारसनाथ भगवान पर शांति धारा करने का विशेष सौभाग्य राजेंद्र पाटनी को प्राप्त हुआ।
कल्याणक दिवस के इस भव्य आयोजन में शहर के तमाम गणमान्य और श्रद्धालु बड़े उत्साह के साथ शामिल हुए। अभिषेक एवं शांति धारा में भाग लेने वाले प्रमुख श्रद्धालुओं में प्रवीण जैन, त्रिलोक जैन, जीनेश सेठी, चेतन प्रकाश बंसल, पी.के. हरसोरा, पारस जैन, अनिल बाकलीवाल, विजय पाटौदी, आशीष जैसवाल, महावीर जैन, अरुण पांडेया, सुनील जैन, आवा मूलचंद जैन, मनोज टौगया, मनोज जैसवाल, विनोद बाहुबली, अनिल ठौरा, इंद्र कुमार जैन, बीरधी चंद जैन, अरविंद ठौरा एवं पदम हरसोरा शामिल रहे। सभी ने पूरी श्रद्धा के साथ भगवान की आराधना की और पुण्य लाभ अर्जित किया।

सांस्कृतिक संध्या
शाम के सत्र में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पवित्र सम्मेदशिखरजी की भाव-वंदना की, जिसके बाद सामायिक और भक्तिभाव से आरती का आयोजन संपन्न हुआ। धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण के बीच रात्रि के समय समंती पाठशाला के छोटे-छोटे बच्चों ने बहुत ही सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों की इन मनमोहक प्रस्तुतियों को देखकर वहां मौजूद सभी समाजबंधुओं ने उनकी जमकर सराहना की। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और आयोजन में एक नया उत्साह भर दिया।
कल्याणक दिवस कार्यक्रम के दौरान मंच पर कई विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस आयोजन की सफलता की सराहना की। इस धार्मिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में महावीर अजमेरा उपस्थित थे, जबकि विशेष अतिथियों में राजमल पाटौदी, चैतन्य बंसल, राजेंद्र पाटनी, सुनील कासलीवाल, विजय पाटनी एवं कन्हैया लाल जैन शामिल रहे। अतिथियों ने समाज को एकजुट करने और धार्मिक संस्कारों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इस प्रकार के आयोजनों से समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और धार्मिक जागरूकता लगातार बढ़ती है।
सद्भाव संदेश
कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को धर्म लाभ दिया और इस सफल आयोजन के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया गया। इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से न केवल आपसी सौहार्द मजबूत होता है, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपने प्राचीन संस्कारों और जैन धर्म की महान परंपराओं से जुड़ने का सुनहरा अवसर मिलता है। अंत में सभी ने मिलकर समाज और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस प्रकार यह आयोजन पूरी तरह सफल रहा और इसमें लोभ सबसे प्रबल विचार पर विशेष रूप से विचार किया गया।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। पुष्पदंत कल्याणक दिवस और धार्मिक आयोजनों से जुड़ी यह जानकारी सामान्य जनहित और अपडेट के लिए है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।