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नगर निकाय चुनाव में भाजपा का दबदबा और कांग्रेस का शानदार प्रदर्शन

भीलवाड़ा नगर निकाय चुनाव संपन्न हो गए हैं जहाँ भाजपा ने 7 और कांग्रेस ने 3 निकायों में बोर्ड बनाकर जीत हासिल की है। चुनाव के दौरान कांटे की टक्कर देखने को मिली।

By अजय त्यागी
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प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। जिले की नगर पालिकाओं में अध्यक्ष पद के चुनाव ने निकाय राजनीति की नई तस्वीर सामने रख दी है। नगर पालिकाओं में अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान कहीं कांटे की टक्कर देखने को मिली तो कहीं निर्दलीय पार्षदों के समर्थन ने सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल दिया। दस पालिकाओं में भाजपा ने सात अध्यक्ष पद हासिल कर मजबूत बढ़त बनाई, जबकि कांग्रेस तीन निकायों में बोर्ड बनाने में सफल रही। खास बात यह रही कि जहां कुछ पालिकाओं में बहुमत ने तस्वीर पहले ही साफ कर दी थी, वहीं कई जगह निर्दलीय पार्षदों के वोट बेहद निर्णायक साबित हुए। बनेड़ा में तो दोनों प्रत्याशियों को बराबर मत मिलने के बाद पर्ची के माध्यम से अध्यक्ष का फैसला किया गया।

आसींद और मांडलगढ़ के परिणाम

आसींद नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस पार्षदों ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया, जिसके चलते भाजपा के सत्येंद्र सिंह अध्यक्ष निर्वाचित हुए। भाजपा प्रत्याशी सत्येंद्र सिंह को 17 मत प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को कोई मत नहीं मिला और भाजपा ने निर्दलीयों का समर्थन भी हासिल किया। दूसरी ओर, मांडलगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा की श्वेता डांगी ने जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस की जहरा फातिमा और निर्दलीय जूली ओस्तवाल को हराते हुए 6 मतों के अंतर से यह जीत हासिल की। श्वेता डांगी गृहिणी हैं और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष संजय डांगी की पत्नी हैं, जिससे डांगी परिवार की राजनीति फिर चर्चा में आ गई है।

गुलाबपुरा और जहाजपुर का चुनावी मुकाबला

गुलाबपुरा नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा की विष्णुदेवी वैष्णव ने एक वोट के अंतर से बहुत ही रोमांचक जीत दर्ज की। भाजपा प्रत्याशी विष्णुदेवी को 35 में से 18 मत मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ रहीं संतोष गुर्जर को 17 मत प्राप्त हुए और एसडीएम ने उन्हें शपथ दिलाई। इसी प्रकार जहाजपुर नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भी भाजपा की अलकेश वैष्णव विजयी रहीं। उन्हें कुल 23 मत मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद देवी शर्मा को 2 मत प्राप्त हुए। भाजपा के पास अपने 15 मत थे और उसने 8 निर्दलीय पार्षदों का बड़ा समर्थन हासिल करते हुए अपनी स्थिति को पूरी तरह मजबूत कर लिया।

शाहपुरा और बनेड़ा में रोचक फैसले

शाहपुरा नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी रमेश सेन ने रोमांचक मुकाबले में जीत दर्ज करते हुए अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। मतदान में रमेश सेन को 18 मत मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी को 17 मत प्राप्त हुए और उन्होंने एक मत से जीत हासिल की। वहीं दूसरी ओर, बनेड़ा नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव सबसे अधिक रोचक रहा जहाँ दोनों प्रत्याशियों को बराबर मत मिलने के बाद फैसला लॉटरी से हुआ। वर्षा और नारायण नाम के दो बच्चों से पर्चियां निकलवाई गईं, जिसके बाद राजाधिराज गोपाल चरण सिसोदिया को बनेड़ा नगर पालिका का प्रथम पालिकाध्यक्ष घोषित किया गया।

हमीरगढ़ और गंगापुर के राजनीतिक समीकरण

हमीरगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा क्योंकि सभी 5 निर्दलीय पार्षदों ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश जाट का समर्थन किया। मतदान में प्रकाश जाट को 12 मत मिले, जबकि भाजपा की रेखा परिहार को 8 मत प्राप्त हुए और कांग्रेस ने बाजी जीत ली। इसके विपरीत गंगापुर में कांग्रेस की प्रीति काकाणी ने भाजपा की विकल सिंघवी को 5 मतों से हराकर अपनी जीत दर्ज की। गंगापुर में कांग्रेस के पास पहले से स्पष्ट बहुमत था, जिससे वहाँ बोर्ड गठन का रास्ता बहुत आसानी से साफ हो गया था और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया।

बिजौलिया और बीगोद के परिणाम

बिजौलिया नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा की स्नेहा तिवाड़ी ने कांग्रेस की भूमिका सुवालका को एक वोट के बहुत ही मामूली अंतर से हराया। भाजपा की स्नेहा तिवाड़ी को 13 मत मिले जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 12 मत प्राप्त हुए। इसी तरह बीगोद नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भी भाजपा के लोकेश नागौरी विजयी रहे। उन्हें कुल 25 में से 16 मत मिले, जबकि कांग्रेस को 6 और निर्दलीयों को 3 मत प्राप्त हुए। स्पष्ट बढ़त के साथ अध्यक्ष पद हासिल करने के बाद भाजपा समर्थकों में जश्न का माहौल बन गया और मिठाइयां बांटी गईं।

विधायकों के क्षेत्र और राजनीतिक नफा-नुकसान

इस चुनाव में शाहपुरा विधायक डॉ.लालाराम बैरवा खुद अपनी पालिका नहीं बचा पाए, जबकि सहाड़ा विधायक लादूलाल पीतलिया को भी बड़ा झटका लगा है। उनके विधानसभा क्षेत्र की दोनों प्रमुख नगर पालिकाएं हमीरगढ़ और गंगापुर में कांग्रेस का बोर्ड बना है। गंगापुर में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत था, जबकि हमीरगढ़ में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद निर्दलियों का समर्थन नहीं जुटा पाई। इन परिणामों ने जिले के बड़े राजनीतिक दिग्गजों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं और स्थानीय स्तर पर समीकरणों में आए बदलाव को स्पष्ट रूप से उजागर कर दिया है।

महापौर और आगामी उपाध्यक्ष चुनाव

जिले की इन नगर पालिकाओं के अलावा नगर निगम महापौर जसवंत कंवर पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी हैं, जिससे प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिले की नगर पालिकाओं में अध्यक्ष पद के सभी चुनाव सफलतापर्वक संपन्न होने के बाद अब राजनीतिक दलों का पूरा ध्यान आने वाले उपाध्यक्ष पद के चुनावों पर टिक गया है। अध्यक्ष पद के परिणामों ने जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच स्थानीय राजनीतिक ताकत को स्पष्ट किया है, वहीं निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण बनी हुई है। आगामी चुनाव में उपाध्यक्ष पद के लिए भी विभिन्न दलों के बीच राजनीतिक हलचल और जोड़-तोड़ तेज होने की पूरी संभावना है।

विकास की उम्मीदें और चुनौतियां

नवनिर्वाचित अध्यक्षों के सामने अब शहर की जनता की अपेक्षाओं को धरातल पर उतारने की बड़ी चुनौती होगी। स्वच्छता, सड़क निर्माण, जल निकासी, रोशनी, यातायात व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे शहर की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर हैं। ऐसे में आगामी कार्यकाल में योजनाओं को गति देने और विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने पर जिले के सभी नगर वासियों की पैनी नजर रहेगी। जनता ने जिन्हें जिताकर कुर्सी सौंपी है, उनसे शहर के समग्र विकास की बहुत अधिक उम्मीदें लगाई जा रही हैं, जिन्हें पूरा करना नवनिर्वाचित बोर्डों की मुख्य जिम्मेदारी होगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। नगर निकाय चुनाव भीलवाड़ा और चुनावी परिणामों से जुड़ी जानकारी पाठकों की जागरूकता के लिए दी गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief