WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

मुंबई कोर्ट से जमानत, फर्जी PMO कार्ड मामले में छात्र को राहत मिली 

छात्र रोहन पारिख और बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे को राहत मिली। दोनों को फर्जी PMO पहचान पत्र मामले में 50000 रुपये के बॉन्ड पर जमानत मिली।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

मुंबई, महाराष्ट्र। मुंबई कोर्ट से जमानत के आदेश में 24 वर्षीय छात्र रोहन पारिख और उसके बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे को राहत मिली है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों को बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित Jio World Plaza में हथियार और फर्जी प्रधानमंत्री कार्यालय पहचान पत्र के साथ प्रवेश करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डी एस खेडेकर ने दोनों को 50,000 रुपये के नकद बॉन्ड पर जमानत दी। घटना 7 सितंबर को हुई थी। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास के सांस्कृतिक केंद्र में Global Fintech Fest 2026 के कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी थी।  [1]

घटना में क्या हुआ

मुंबई कोर्ट से जमानत का मामला 7 सितंबर की घटना से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार रोहन पारिख और दिलीप कुंडे Jio World Plaza में प्रवेश कर रहे थे, तभी सुरक्षा कर्मचारियों ने कुंडे के पास हथियार देखा। इसके बाद दोनों के बीच बहस हुई और उनमें से एक ने प्रधानमंत्री कार्यालय से संबंधित पहचान पत्र होने का दावा किया। अदालत ने उपलब्ध सामग्री पर विचार करते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ प्रवेश के अलावा किसी स्पष्ट नुकसान पहुंचाने वाली कार्रवाई का आरोप नहीं लगाया गया है। अदालत ने यह भी माना कि जांच के लिए जरूरी मोबाइल फोन और लैपटॉप पहले ही जब्त किए जा चुके हैं।

अभियोजन और बचाव का पक्ष

जमानत की सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि फर्जी PMO पहचान पत्र कथित तौर पर रोहन पारिख ने मोबाइल में मौजूद एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एप्लिकेशन की मदद से बनाया था। अभियोजन ने कहा कि पहचान पत्र के कथित दुरुपयोग की जांच अभी बाकी है। बचाव पक्ष ने कहा कि पारिख निजी काम से मॉल गया था और उसे प्रधानमंत्री की प्रस्तावित यात्रा या नए प्रतिबंधात्मक आदेशों की जानकारी नहीं थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत मंजूर की। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपों को मुकदमे के दौरान साबित किया जाना होगा।

जमानत की शर्तें क्या रहीं

इस जमानत आदेश के तहत रोहन पारिख और दिलीप कुंडे को 50,000 रुपये के नकद बॉन्ड पर रिहाई दी गई। अदालत ने माना कि कुंडे के पास लाइसेंसी हथियार होने और उसके साथ प्रवेश करने से संबंधित आरोपों में किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने की स्पष्ट मंशा का आरोप नहीं है। अदालत ने यह भी देखा कि दोनों के मोबाइल फोन और लैपटॉप पहले ही जब्त किए जा चुके हैं, इसलिए आगे की हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं बताई गई। अदालत ने मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं की है और आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।

कोर्ट से जमानत के इस मामले में अदालत ने छात्र रोहन पारिख और उसके बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे को 50,000 रुपये के नकद बॉन्ड पर राहत दी है। मामला Jio World Plaza में हथियार और फर्जी PMO पहचान पत्र के साथ प्रवेश से जुड़ा है। अभियोजन ने पहचान पत्र के कथित इस्तेमाल और उसके निर्माण की जांच का उल्लेख किया, जबकि बचाव पक्ष ने किसी नुकसान पहुंचाने वाली मंशा से इनकार किया। अदालत ने कहा कि आरोपों को मुकदमे में साबित किया जाना होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटना 7 सितंबर की है और जांच से जुड़े उपकरण पहले ही जब्त किए जा चुके हैं।

अस्वीकरण :

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। मामले में लगाए गए आरोप न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और किसी आरोपी को दोषी नहीं माना जाना चाहिए जब तक सक्षम अदालत ऐसा निर्णय न दे। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief