जैसलमेर फंड जांच में ED की तलाशी, 5.10 करोड़ रुपये का मामला सामने आया
जैसलमेर फंड जांच में ED ने 5.10 करोड़ रुपये के कथित विदेशी फंड की जांच की है। एजेंसी ने 2 परिसरों पर FEMA के तहत तलाशी की जानकारी दी।
प्रतीकात्मक फोटो
जैसलमेर, राजस्थान। जैसलमेर फंड जांच में प्रवर्तन निदेशालय ने विदेशी फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में 2 परिसरों पर तलाशी ली है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, ED ने आरोप लगाया कि बेल्जियम की एक गैर एफसीआरए पंजीकृत संस्था से 5.10 करोड़ रुपये की रकम जैसलमेर के दो निवासियों तक पहुंची। एजेंसी का दावा है कि रकम का उद्देश्य शैक्षणिक, सांस्कृतिक गतिविधियों या पारिवारिक रखरखाव के रूप में बताया गया, जबकि इसका कथित इस्तेमाल धार्मिक प्रभाव और धर्म परिवर्तन संबंधी गतिविधियों में किया गया। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत बताई गई है। [1]
ED ने क्या आरोप लगाए
जैसलमेर फंड जांच में ED ने देऊ राम और ज्ञान चंद के नाम सामने रखे हैं। एजेंसी के अनुसार दोनों को बेल्जियम स्थित Amar ASBL से कुल 5.10 करोड़ रुपये मिले। ED का आरोप है कि रकम के लिए विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम के तहत आवश्यक पंजीकरण नहीं था। एजेंसी ने बताया कि बैंक रिकॉर्ड में रकम के लिए अलग अलग उद्देश्य दर्ज किए गए थे, जिनमें पारिवारिक रखरखाव, बचत और शैक्षणिक या सांस्कृतिक सेवाएं शामिल थीं। जांच एजेंसी का दावा है कि इन रकम का वास्तविक इस्तेमाल बताए गए उद्देश्यों से अलग तरीके से हुआ। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी।
जैसलमेर फंड जांच में सामने आई Amar ASBL के बारे में ED ने कहा कि यह संस्था 2011 में ब्रसेल्स में स्थापित हुई थी और जोस गोफिनेट तथा उनके बेटे सालियन गोफिनेट द्वारा संचालित है। एजेंसी के अनुसार दोनों हर साल 2 से 3 सप्ताह के लिए जैसलमेर आते हैं और स्थानीय बच्चों के परिवारों से मिलते हैं तथा बैठकें और धार्मिक सभाएं आयोजित करते हैं। ED का दावा है कि संस्था ने 14 से 15 वर्षों तक जैसलमेर में काम किया, लेकिन भारत में किसी ट्रस्ट या गैर सरकारी संगठन के रूप में पंजीकृत नहीं हुई। ये विवरण जांच एजेंसी के बयान पर आधारित हैं।
इस्तेमाल पर दावा
जैसलमेर फंड जांच में ED ने आरोप लगाया कि देऊ राम ने करीब 2.60 करोड़ रुपये नकद निकाले और विदेशी रकम के इस्तेमाल से संबंधित उचित लेखा रिकॉर्ड नहीं रखा। एजेंसी ने कहा कि रकम बैंक में अलग अलग उद्देश्य कोड के तहत दिखाई गई थी, लेकिन उसके अनुसार वास्तविक सेवाएं प्रदान नहीं की गईं। ED ने यह भी दावा किया कि कुछ बैंकों द्वारा विदेशी रकम स्वीकार करने से इनकार किए जाने के बाद संबंधित व्यक्तियों के अन्य खातों के माध्यम से रकम भेजने की कोशिश की गई। उपलब्ध रिपोर्ट में इन दावों को जांच एजेंसी के आरोप के रूप में प्रस्तुत किया गया है। अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर होगा।
जैसलमेर फंड जांच में ED की कार्रवाई विदेशी रकम के कथित दुरुपयोग और उससे जुड़ी गतिविधियों की जांच पर केंद्रित है। एजेंसी ने 2 परिसरों की तलाशी ली और 5.10 करोड़ रुपये की रकम से जुड़े लेनदेन का उल्लेख किया। ED के अनुसार यह रकम बेल्जियम की Amar ASBL से संबंधित थी और बिना FCRA पंजीकरण के प्राप्त हुई। एजेंसी ने रकम के कथित इस्तेमाल और वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़े कई आरोप लगाए हैं। संबंधित पक्षों पर लगाए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। जैसलमेर फंड जांच का अंतिम परिणाम सक्षम प्राधिकरण और अदालत की आगे की कार्रवाई से स्पष्ट होगा।
अस्वीकरण :
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। जैसलमेर फंड जांच में बताए गए वित्तीय और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े आरोप प्रवर्तन निदेशालय के दावे हैं और उनका अंतिम न्यायिक निर्धारण अभी नहीं हुआ है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।