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बिजली दर वृद्धि से उपभोक्ताओं को चुकाने होंगे 251 करोड़ ज्यादा

बिजली दर वृद्धि से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा है। विधानसभा में सरकार ने बिजली दर वृद्धि और बकाए की पुष्टि की है।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg पावर कट पर विरोध प्रदर्शन

पावर कट पर विरोध प्रदर्शन

श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर। जम्मू और कश्मीर के बिजली उपभोक्ताओं को एक बड़े झटके का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि हाल ही में लागू की गई बिजली दर वृद्धि से आम जनता पर भारी आर्थिक दबाव आ गया है। विधानसभा में प्रस्तुत किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बिजली दर वृद्धि के चलते राज्य के नागरिकों को सामूहिक रूप से कुल 251 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ वहन करना होगा। संयुक्त विद्युत नियामक आयोग द्वारा इस संशोधन को मंजूरी दिए जाने के बाद बिजली वितरण कंपनियों के राजस्व में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार का पक्ष है कि यह कदम बिजली की लागत और राजस्व के अंतर को पाटने के लिए आवश्यक था।  [1]

राजस्व सुधार

विद्युत विकास विभाग ने सदन को जानकारी दी है कि यह संशोधित दरें लागू होने के बाद बिजली कंपनियों को सालाना राजस्व आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। सरकार द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि भारी भरकम बढ़ोतरी के बावजूद उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए हजारों करोड़ रुपये की भारी सब्सिडी दी जा रही है। इसके बावजूद आम उपभोक्ताओं और विभिन्न विभागों पर पुराने बिजली बकाए का भारी बोझ लगातार बना हुआ है, जिससे बिजली वितरण प्रणाली की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए लगातार नए प्रशासनिक और नियामक कदम उठाए जा रहे हैं।

बकाया वसूली

विभागीय रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न सरकारी विभागों और अन्य संस्थाओं पर बिजली बिलों के रूप में हजारों करोड़ रुपये का बकाया लंबित चल रहा है। इस बकाए की वसूली और राजस्व संग्रह को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। कश्मीर घाटी और जम्मू क्षेत्र के घरेलू तथा वाणिज्यिक उपभोक्ताओं से मिलने वाले राजस्व के आंकड़ों की नियमित समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि समय पर बिल भुगतान होने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुचारू और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।

सोलर ऊर्जा

सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत प्रदान करने और बिजली पर निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र परिवारों को रूफ टॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से गरीब और पात्र परिवारों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम चल रहा है। वर्तमान में इस पूरी योजना की टेंडर प्रक्रिया मूल्यांकन के अंतिम चरण में है, जिसके पूरा होते ही सीमांत और ग्रामीण इलाकों के लोगों को बड़ा लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

आगामी कदम

आगामी समय में बिजली क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने और ट्रांसमिशन हानियों को कम करने के लिए स्मार्ट मीटरिंग और बुनियादी ढांचा विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार और विद्युत निगम मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली मिले और राजस्व संग्रह में भी सुधार हो सके। इन तमाम सुधारवादी कदमों से आने वाले वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र की तस्वीर बदलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है, जिससे राज्य के नागरिकों को बिजली दर वृद्धि जैसे मुद्दों से काफी हद तक राहत मिल सकेगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के अंतर्गत दी गई बिजली दर वृद्धि से जुड़ी सभी जानकारियां वर्तमान उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief