वायु अभ्यास तरंग शक्ति का दूसरा संस्करण 26 से जोधुपर में
वायु अभ्यास तरंग शक्ति का दूसरा संस्करण जोधपुर में शुरू होने जा रहा है। इस वायु अभ्यास में कई देशों की वायु सेनाएं हिस्सा लेंगी।

वायु अभ्यास - File Photo
जोधपुर, राजस्थान। भारतीय वायु सेना द्वारा आयोजित बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास तरंग शक्ति का दूसरा संस्करण आगामी 26 सितंबर से जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर शुरू होने जा रहा है। इस प्रतिष्ठित वायु अभ्यास में अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई प्रमुख देशों की वायु सेनाएं अपने विमानों और साजो-सामान के साथ भाग ले रही हैं। इसके अलावा तीस से अधिक देश इस भव्य आयोजन में पर्यवेक्षक के रूप में शामिल होंगे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न देशों के बीच रणनीतिक सहयोग और आपसी तालमेल को मजबूत करना है। [1]
सैन्य तैयारी
इस मेगा वायु अभ्यास के माध्यम से भारतीय वायु सेना अपनी युद्धक क्षमताओं का प्रदर्शन करेगी और दुनिया के सामने अपनी स्वदेशी रक्षा तकनीक की ताकत को भी रखेगी। जोधपुर के आसमान में होने वाले इन युद्धाभ्यास के दौरान अत्याधुनिक लड़ाकू विमान और तकनीकी सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण चरण पूरे किए जाएंगे। विभिन्न देशों के पायलट और रक्षा अधिकारी इस साझा मंच पर एक-दूसरे की युद्ध रणनीतियों और तकनीकी अनुभवों को साझा करेंगे।
रणनीतिक सहयोग
दोनों पक्षों और भाग लेने वाले देशों के बीच इस प्रकार के रक्षा सहयोग से वैश्विक स्तर पर आपसी संबंध और अधिक प्रगाढ़ होते हैं। वायु अभ्यास के दौरान आधुनिक हथियारों, निगरानी विमानों और हवा में ही ईंधन भरने वाले विमानों की तैनाती भी की जाएगी। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजनों से वायु सेना के जवानों को वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में काम करने का बहुमूल्य अनुभव प्राप्त होता है।
स्वदेशी ताकत
भारत इस वायु अभ्यास के जरिए अपने आत्मनिर्भर भारत अभियान और रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया की सफलता को भी वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा। देश में बने हल्के लड़ाकू विमान और अन्य रक्षा उपकरण इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेंगे। मित्र देशों के वायु सेना प्रमुखों और शीर्ष अधिकारियों के भी इस दौरान जोधपुर पहुंचने की संभावना है, जिससे रक्षा कूटनीति को एक नई दिशा मिलेगी।
वैश्विक मंच
यह वायु अभ्यास आगामी 12 अक्टूबर तक जारी रहेगा और इस दौरान राजस्थान के पश्चिमी हिस्से के एयरस्पेस में भारी सुरक्षा तथा विशेष प्रबंध किए गए हैं। आयोजन की सफलता के लिए भारतीय वायु सेना के तमाम वरिष्ठ अधिकारी पूरी मुस्तैदी से तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। इस बड़े आयोजन से न केवल सामरिक रिश्तों को मजबूती मिलेगी बल्कि देश के रक्षा और कूटनीतिक इतिहास में भी एक नया अध्याय जुड़ेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के अंतर्गत दी गई वायु अभ्यास से जुड़ी सभी जानकारियां वर्तमान उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।