नीमकाथाना में नशा मुक्त भारत अभियान पर विशेष व्याख्यान का आयोजन
नीमकाथाना के राजकीय महाविद्यालय में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत विशेष व्याख्यान हुआ। मनोचिकित्सक ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया।

नशा मुक्ति की शपथ लेते विद्यार्थी
नीमकाथाना, राजस्थान (शिंभू सिंह शेखावत)। नीमकाथाना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पंचायत समिति पाटन के राजकीय महाविद्यालय में आज नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत श्री कपिल देव राजकीय चिकित्सालय नीमकाथाना के मनोचिकित्सक डॉक्टर नवीन कुमार सैनी ने व्याख्यान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को नशा क्या है, नशे के कारण, दुष्प्रभाव एवं उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। मुख्य वक्ता ने बताया कि नशा एक ऐसी लत या शारीरिक व मानसिक स्थिति है जिसमें व्यक्ति हानिकारक पदार्थों जैसे शराब, सिगरेट, तंबाकू या ड्रग्स पर निर्भर होकर सोचने समझने की क्षमता खो देता है। व्याख्यान में उन्होंने स्पष्ट किया कि अक्सर आज के युवा मानसिक तनाव, आर्थिक कमजोरी, बुरी संगति, पारिवारिक कलह आदि के कारण नशे के जाल में फंस जाते हैं, जिससे उनका उज्जवल भविष्य अंधकारमय होने लगता है।
व्यावहारिक उपाय
डॉक्टर सैनी ने बातचीत के दौरान विद्यार्थियों को नशे से बचने एवं समाज को सुरक्षित रखने के व्यवहारिक उपाय बताते हुए कहा कि मजबूत इच्छा शक्ति, आपसी सहयोग, नियमित योग एवं सही परामर्श लेकर नशे की लत से मुक्ति पाई जा सकती है। कार्यक्रम के दौरान अनेक विद्यार्थियों ने मौके पर ही डॉक्टर सैनी से अपनी समस्याएं साझा कीं और उन्होंने उचित परामर्श देते हुए विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान सुझाएं। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों से युवाओं को सही मार्गदर्शन मिलता है और वे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित होते हैं, जिससे समाज में स्वास्थ्य के प्रति एक नई चेतना जागृत होती है और भावी पीढ़ी सुरक्षित बनती है।

महत्वपूर्ण संकल्प
अंत में उन्होंने विद्यार्थियों को नशा मुक्त रहने की शपथ दिलाई एवं कहा कि नशा न सिर्फ शरीर बल्कि भविष्य को भी बर्बाद करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी ऊर्जा का सही उपयोग करने और नशे से मुक्त रहकर अपने जीवन को सुरक्षित बनाने का संकल्प लेने को कहा। नशा मुक्त भारत अभियान का यह सत्र विद्यार्थियों के लिए बहुत ही लाभदायक रहा और सभी ने पूरे उत्साह के साथ इसमें भाग लिया। इस प्रकार के आयोजनों से शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और नैतिक विकास को बढ़ावा मिलता है, जो देश के उज्जवल भविष्य के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक कदम माना जाता है।
सफल आयोजन
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. मीना ने मुख्य वक्ता का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया साथ ही विद्यार्थियों से आवाह्न किया कि वे नशे से दूर रहकर एक सुरक्षित, स्वस्थ एवं उज्जवल भविष्य का निर्माण करें। मंच संचालन सहायक आचार्य सरोज गुर्जर ने किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में सहायक आचार्य रितु शर्मा, दिनेश बैरवा, डॉ धर्मवीर कुमावत तथा एम एम वर्मा का विशेष सहयोग रहा। कॉलेज प्रशासन के इन सभी प्रयासों से संपूर्ण परिसर में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित हुआ और सभी विद्यार्थियों ने भविष्य में समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ सक्रिय रूप से कार्य करने का दृढ़ संकल्प लिया है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के अंतर्गत दी गई नशा मुक्त भारत अभियान से जुड़ी सभी जानकारियां वर्तमान उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।