श्री चारभुजा नाथ के भक्तों द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम
भीलवाड़ा और गढ़बोर में श्री चारभुजा नाथ का तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन। कार्यक्रम में छप्पन भोग, भजन संध्या और महाआरती का आयोजन किया गया।

चारभुजा नाथ की भक्त मण्डली
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। भीलवाड़ा और गढ़बोर क्षेत्र में श्री चारभुजा मित्र मंडल के नेतृत्व में रायला के गग्गड़ परिवार की ओर से तीन दिवसीय भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। होटल मेवाड़ (माधव), मांडवाड़ा टोल के पास आयोजित यह कार्यक्रम 19 से 21 सितंबर तक चला। इस दौरान भजन-कीर्तन, छप्पन भोग दर्शन, महाआरती और विशाल भंडारे सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। भीलवाड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान श्री चारभुजा नाथ के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। श्री चारभुजा मित्र मंडल, भीलवाड़ा के राहुल गग्गड़ व अर्चित मूंदड़ा ने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन के दौरान प्रतिदिन ठाकुरजी का अलग-अलग श्रृंगार किया गया और विविध भोग लगाए गए।
छप्पन भोग दर्शन
आयोजन के तहत 20 सितंबर को दोपहर 1 बजे महाआरती के साथ भगवान श्री चारभुजा नाथ को छप्पन भोग अर्पित किया गया। विभिन्न प्रकार के व्यंजनों से सजे छप्पन भोग के अलौकिक दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महाआरती के दौरान चारभुजा नाथ के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। इसके बाद आयोजित विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ लिया। कार्यक्रम स्थल पर भगवान का दरबार बहुत ही आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिसे देखकर सभी भक्त भाव-विभोर हो उठे और उन्होंने पूजा-अर्चना कर अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की।
भजनों की प्रस्तुतियां
तीन दिवसीय इस भव्य आयोजन में अलग-अलग दिन प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा भजन प्रस्तुत किए गए। 19 सितंबर को भजन गायक पं. देवकीराम शास्त्री, 20 सितंबर को सिंगर सुनील गंधर्व तथा 21 सितंबर को गोवत्स दिव्याशु दाधीच ने अपनी मधुर प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में पूरी तरह डुबो दिया। इनके साथ ही जगदीश वैष्णव ने भी भजनों के माध्यम से समां बांधा। भजन संध्या के दौरान श्रद्धालु देर तक भक्ति गीतों में रमते रहे और लगातार गूंजते जयकारों से संपूर्ण वातावरण अत्यंत पवित्र तथा गुंजायमान हो गया।
पदयात्रियों की सेवा
इस धार्मिक अनुष्ठान के साथ सेवा का भी एक अनूठा स्वरूप देखने को मिला। श्री चारभुजा मित्र मंडल, भीलवाड़ा के संजय लाहोटी व विशाल बाहेती ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने पदयात्रियों की आवभगत के लिए व्यापक प्रबंध किए। थकान, जकड़न, मांसपेशियों में दर्द और पैरों में छाले से परेशान श्रद्धालुओं को फिजियोथैरेपी एवं प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके अलावा भोजन-प्रसाद, सोडा-शिकंजी, पानी-पताशे, चाय-कॉफी, इत्र-सुगंध और मेडिकल सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई। पदयात्रियों के रात्रि विश्राम के लिए करीब 100 पलंग लगाए गए तथा तीन दिनों में लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद तैयार किया गया।
कार्यकर्ताओं का सहयोग
आयोजन की व्यवस्थाओं को संभालने में श्री चारभुजा मित्र मंडल के सभी पदाधिकारी, सदस्य और स्वयंसेवक पूरी तन्मयता से जुटे रहे। कैलाश कोठारी, अशोक बाहेती, अनिल बांगड़, राजेन्द्र कचोलिया, नारायणलाल लढ़ा, सुरेश कचोलिया, मनोहर अजमेरा, जितेंद्र मून्दड़ा, भूपेंद्र सिंह राणावत, अजय मूंदड़ा, रौनक काष्ट, पिंटू मूंदड़ा, राजेन्द्र मालू, अंकित लखोटिया, कैलाश ईनाणी, सचिन काबरा, कमल सोनी, शिव चेचानी, रोहित गग्गड, शशांक बिड़ला, अमित झंवर, मोहित गग्गड, अनिल चौधरी, अशोक तोषनीवाल, मुकेश चेचानी तथा जगदीश लढ़ा सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने अपनी सेवाएं दीं।
सफल समापन
आयोजक गग्गड़ परिवार ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भगवान चारभुजा नाथ के प्रति श्रद्धा अर्पित करने के साथ समाज में भक्ति, सेवा और आपसी सद्भाव की भावना को मजबूत करना था। तीन दिनों तक चले इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन के अवसर पर आयोजकों ने सहयोग प्रदान करने वाले सभी श्रद्धालुओं, सेवाभावी कार्यकर्ताओं और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों का हृदय से आभार व्यक्त किया, जिससे यह धार्मिक अनुष्ठान पूरी तरह सफल रहा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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