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कभी नक्सल प्रभावित रहे छत्तीसगढ़ के कांकेर में बदल रही युवाओं की सोच

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में युवाओं की सोच में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जानिए इस पूरी सकारात्मक पहल से जुड़ी सभी खास बातें।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg BSF का जागरूकता शिविर

BSF का जागरूकता शिविर

कांकेर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले तुम्पाल गांव में, जो कभी पूरी तरह से माओवादी हिंसा से प्रभावित माना जाता था, अब युवाओं की सोच में उल्लेखनीय सकारात्मक बदलाव आया है। क्षेत्र के युवा अब हिंसा का रास्ता छोड़कर देश की सेवा के लिए पुलिस और सशस्त्र बलों में अपना करियर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। स्थानीय युवाओं की सोच के इसी उत्साह को देखते हुए सीमा सुरक्षा बल (BSF) की 28वीं बटालियन के कैंप में स्थानीय युवक-युवतियों के लिए एक विशेष भर्ती जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।  [1]

जागरूकता शिविर

इस छह दिवसीय विशेष जागरूकता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं ने हिस्सा लिया। बीएसएफ के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को पुलिस और सशस्त्र बलों में भर्ती की पूरी प्रक्रिया, शैक्षणिक योग्यताओं, शारीरिक फिटनेस के पैमानों, लिखित परीक्षा की तैयारी और विभिन्न करियर के अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बीएसएफ की 28वीं बटालियन के कमांडेंट अरुण देवगम ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों और युवाओं की सोच को विकसित करना है ताकि वे पढ़ाई पूरी होने के बाद रोजगार के सही विकल्पों को समझ सकें।

बदलती उम्मीदें

अधिकारियों के अनुसार इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले अधिकांश बच्चे मैट्रिक स्तर के हैं, जिन्हें बलों में चयन के विभिन्न मानदंडों से अवगत कराया जा रहा है। कमांडेंट अरुण देवगम ने जानकारी दी कि क्षेत्र के कई युवा सेना और सुरक्षा बलों में शामिल होना चाहते हैं, इसलिए ऐसे प्रयास युवाओं की सोच को मजबूत करते हुए उन्हें चयन प्रक्रिया और मेडिकल परीक्षाओं के नियमों की पूरी जानकारी दे रहे हैं। यह छह दिवसीय कार्यक्रम केवल भर्ती की जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस क्षेत्र में बदलती हुई सामाजिक सोच और उम्मीदों को भी दर्शाता है।

सकारात्मक दिशा

कभी नक्सलवाद की चपेट में रहे इस क्षेत्र के युवाओं की सोच का अब शिक्षा, रोजगार और एक सुरक्षित भविष्य की तरफ ध्यान केंद्रित होना एक बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और युवाओं की इस नई रुचि से यह स्पष्ट हो रहा है कि अब यहां के युवा मुख्यधारा से जुड़कर देश की सुरक्षा और विकास में अपना योगदान देना चाहते हैं। प्रशासन और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से क्षेत्र के युवाओं की सोच को न केवल सही दिशा मिल रही है, बल्कि उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का मंच भी मिल रहा है।

भविष्य की राह

छत्तीसगढ़ के इन अंदरूनी इलाकों में युवाओं की सोच को संवारने के लिए इस तरह के करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिलने से यहां की युवा पीढ़ी में एक नया आत्मविश्वास जागृत हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह के सकारात्मक प्रयास लगातार जारी रहे, तो आने वाले समय में कांकेर और आसपास के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के और अधिक युवा देश की रक्षा सेवाओं और पुलिस बलों में उच्च पदों पर देश का नाम रोशन करेंगे।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट आधिकारिक मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट में दी गई संख्याएं और विवरण आधिकारिक स्रोतों के अनुसार हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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