WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

जानलेवा दवाओं का काला कारोबार: नकली रेबीज वैक्सीन जब्त

दिल्ली के दवा बाजार में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने भारी मात्रा में नकली रेबीज वैक्सीन जब्त की है और इसके तार कानपुर से जुड़े पाए गए हैं।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली, दिल्ली। राजधानी में लोगों की सेहत और जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े अवैध कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है जिसके तहत स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने सेंट्रल दिल्ली के प्रमुख दवा बाजार में एक फर्म के ठिकानों पर औचक छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया है। अधिकारियों को लंबे समय से इस तरह की अवैध गतिविधियों की शिकायत मिल रही थी जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान बाजार के व्यापारियों और अन्य कारोबारियों में भारी सनसनी फैल गई है। विभाग की इस त्वरित और छापामार कार्रवाई से नकली दवा विक्रेताओं के हौसले पस्त होते नजर आ रहे हैं और प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।  [1]

छापेमारी और जब्ती

दवा बाजार स्थित फर्म के विभिन्न परिसरों और गोदामों में की गई इस सघन छानबीन के दौरान अधिकारियों के भी होश उड़ गए। जांच टीम ने मौके से भारी मात्रा में संदिग्ध दवाएं बरामद की हैं जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 200000 रुपये आंकी गई है। अधिकारियों ने मौके पर विधिवत कार्रवाई करते हुए कुल 481 यूनिट नकली रेबीज वैक्सीन जब्त की है जो बाजार में धड़ल्ले से खपाने की तैयारी चल रही थी। मूल निर्माता संस्थान ने इसकी पुष्टि करते हुए साफ कर दिया है कि यह संदिग्ध बैच उनकी तरफ से कभी जारी ही नहीं किया गया था। इसके बाद विभाग ने कड़े कदम उठाते हुए 120 वायल कानूनी नमूनों के रूप में सुरक्षित रखे हैं तथा बाकी बची 361 यूनिट और खरीद चालान को अपने कब्जे में ले लिया है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि बाजार में नकली रेबीज वैक्सीन जब्त करने का यह सबसे बड़ा मामला है।

जांच और खुलासे

मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी जप्त शुदा नमूनों को तुरंत उच्चस्तरीय परीक्षण के लिए कसौली स्थित केंद्रीय अनुसंधान संस्थान भेज दिया गया है ताकि वास्तविकता का सटीक पता चल सके। शुरुआती पूछताछ और दस्तावेजों की छानबीन के दौरान दिल्ली की संबंधित फर्म ने अधिकारियों को चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने यह सारा माल उत्तर प्रदेश के कानपुर की एक अन्य एजेंसी से खरीदा था। इस महत्वपूर्ण सुराग के हाथ लगते ही जांच का दायरा काफी बढ़ गया है और तुरंत उत्तर प्रदेश के स्टेट ड्रग विभाग को इस नेटवर्क की पुख्ता जानकारी साझा कर दी गई है। यूपी विभाग की टीमों ने त्वरित एक्शन लेते हुए कानपुर स्थित दो अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है जिससे इस पूरे सिंडिकेट के तार आपस में जुड़ते चले गए हैं।

कानपुर कनेक्शन

कानपुर की संबंधित एजेंसी और उसके वितरण नेटवर्क की पड़ताल से यह साफ हो गया है कि नकली रेबीज वैक्सीन का यह काला कारोबार केवल एक शहर तक सीमित नहीं था बल्कि इसका दायरा काफी दूर तक फैला हुआ है। अधिकारी अब इस बात की बहुत गहराई से छानबीन कर रहे हैं कि आखिर इन नकली टीकों का असली निर्माता कौन है और इन्हें किस अवैध कारखाने में तैयार किया जा रहा था। सप्लाई चेन के हर एक छोटे-बड़े किरदार की पहचान की जा रही है ताकि इस गिरोह के मुख्य सरगनाओं को कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके। स्वास्थ्य मंत्री ने इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी के टीकों में इस तरह की मिलावट या घटियापन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपियों पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

कड़ी चेतावनी

प्रशासन की इस सख्त और ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद से पूरे दवा व्यापार जगत में हड़कंप मचा हुआ है तथा सभी छोटे-बड़े सप्लायर अपने रिकॉर्ड दुरुस्त करने में जुट गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के औचक निरीक्षण और कठोर कदम लगातार उठाए जाने बेहद जरूरी हैं ताकि आम जनता के जीवन की रक्षा की जा सके। सरकार और ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने संयुक्त रूप से सभी दवा विक्रेताओं और एजेंसियों को सख्त चेतावनी दी है कि वे नियमों का पूरी तरह पालन करें और किसी भी अवैध या संदिग्ध गतिविधि में संलिप्त न हों। यदि भविष्य में ऐसा कोई भी मामला सामने आता है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ सबसे कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न जुटा सके। इस पूरे अभियान की सफलता के बाद एक बार फिर साबित हो गया है कि सख्त निगरानी से ही नकली रेबीज वैक्सीन जब्त करने जैसी बड़ी कामयाबियां हासिल की जा सकती हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामलों में नियमों का कड़ाई से पालन होना अनिवार्य है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की जाती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief