गंगाशहर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और प्लॉटिंग की बड़ी शिकायत
बीकानेर के गंगाशहर में चौपड़ाबाड़ी से सुजानदेसर मार्ग पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और प्लॉटिंग की शिकायत जिला कलक्टर को दी गई है।
अवैध निर्माण कार्य जारी
बीकानेर, राजस्थान (जय नारायण बिस्सा)। बीकानेर के गंगाशहर क्षेत्र में चौपड़ाबाड़ी से सुजानदेसर की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित सरकारी और सिवाय चक भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर स्थानीय निवासियों ने जन अभाव अभियोग निराकरण समिति (जिला कलक्टर) के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। चौपड़ाबाड़ी क्षेत्र के निवासियों द्वारा दिए गए ज्ञापन में यह प्रमुखता से आरोप लगाया गया है कि पुराने ईंट भट्टा क्षेत्र स्थित कुल 6.02 हेक्टेयर भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। ज्ञापन के अनुसार यह भूमि पटवार हल्का गंगाशहर के शरह स्वरूपदेसर और किसमीदेसर क्षेत्र के अंतर्गत आती है जिस पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
अवैध प्लॉटिंग
क्षेत्रवासियों ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया है कि न केवल उक्त सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है, बल्कि उस जमीन को बड़े पैमाने पर समतल करके प्लॉट के रूप में धड़ल्ले से बेचा भी जा रहा है। यह पूरी भूमि खसरा संख्या 21, 22, 24, 25 तथा खसरा संख्या 1096/28, 129, 130 के अंतर्गत आती है जो पूर्व में संपतलाल पुत्र धूराराम के नाम पर ईंट भट्टा चलाने के लिए आवंटित की गई थी। संबंधित व्यक्ति के निधन के उपरांत नियमों के तहत यह लीज स्वतः ही समाप्त हो चुकी है, जिसके चलते इस जमीन पर किसी भी प्रकार का निजी अधिकार नहीं बनता है। इसके बावजूद भूमाफियाओं द्वारा इस बहुमूल्य सरकारी संपत्ति पर कब्जा जमाने का सिलसिला लगातार चलाया जा रहा है।
कार्रवाई की मांग
सरकारी भूमि पर हो रहे इस तरह के अवैध कब्जे और प्लॉटींग के खेल से स्थानीय निवासियों में प्रशासन के प्रति गहरी चिंता और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख लोगों में बाबूलाल जाट, कैलाश खुड़िया, बाबूलाल कुमावत, महावीर भाटी, ओंकार भाटी और संतोष यादव समेत कई गणमान्य नागरिक शामिल रहे जिन्होंने जिला प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। नागरिकों ने स्पष्ट मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और तत्काल प्रभाव से अवैध कब्जों को हटाकर इसमें संलिप्त आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
प्रशासनिक जांच
स्थानीय निवासियों की इस गंभीर शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने पूरे मामले की तहकीकात शुरू कर दी है ताकि सरकारी भूमि को सुरक्षित बचाया जा सके। इस तरह के अवैध कब्जे प्रशासनिक व्यवस्था और शहरी विकास के लिए एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं, जिन्हें रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दस्तावेजों की पूरी जांच के बाद सीमा ज्ञान करवाकर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधियों को रोका जा सके।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट स्थानीय नागरिकों द्वारा दी गई शिकायतों और प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। सरकारी भूमि और अवैध कब्जों से जुड़े मामलों में प्रशासनिक जांच एवं नियमों का कड़ाई से पालन होना अनिवार्य है तथा किसी भी प्रकार की अंतिम कार्रवाई संबंधित विभाग के निर्देशों के अधीन होती है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।