बीकानेर में निजी अस्पतालों के लिए एनपी-एनसीडी और एबीडीएम कार्यशाला
बीकानेर में गैर-संक्रामक रोग नियंत्रण कार्यक्रम और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को लेकर निजी अस्पतालों के साथ कार्यशाला आयोजित की गई।
निजी अस्पतालों के साथ कार्यशाला
बीकानेर, राजस्थान। गैर-संक्रामक रोग नियंत्रण कार्यक्रम यानी एनपी-एनसीडी और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को लेकर स्थानीय टीबी क्लीनिक सभागार में निजी अस्पतालों के साथ एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में संयुक्त निदेशक बीकानेर जोन डॉ. देवेंद्र चौधरी, उप निदेशक बीकानेर जोन डॉ. राहुल हर्ष तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने विशेष रूप से भाग लिया। अधिकारियों ने बैठक के दौरान निजी अस्पतालों के संचालकों से अपेक्षित कार्रवाई को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश साझा किए और स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल प्रणाली को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
एनपी-एनसीडी रिपोर्टिंग
कार्यशाला के दौरान संयुक्त निदेशक डॉ. देवेंद्र चौधरी ने सभी निजी अस्पताल संचालकों को एनपी-एनसीडी कार्यक्रम के अंतर्गत ऑनलाइन रिपोर्टिंग पूरी तरह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत हेल्थ फैसिलिटी रजिस्टर और हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्टर आईडी शत-प्रतिशत बनाई जानी चाहिए। डॉ. चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम आम नागरिकों के साथ-साथ सभी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
बीपी और शुगर
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने बैठक में उपस्थित प्रबंधकों से कहा कि निजी अस्पतालों में उपचार के लिए आने वाले मरीजों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि हाई ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों से ग्रसित मरीजों की जांच तथा उनके उपचार संबंधी सभी जानकारियां तुरंत एनपी-एनसीडी पोर्टल पर दर्ज की जानी चाहिए।

लापरवाही पर चेतावनी
उप निदेशक डॉ. राहुल हर्ष ने अपने संबोधन में कहा कि एनपी-एनसीडी कार्यक्रम केंद्र सरकार की एक बेहद महत्वपूर्ण योजना है जिसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों को चेतावनी दी कि कार्यक्रम के तहत निर्धारित कार्यों और ऑनलाइन रिपोर्टिंग में बिल्कुल भी लापरवाही न बरती जाए।
तकनीकी प्रशिक्षण
कार्यशाला के अंतिम चरण में जिला एनसीडी प्रभारी महेंद्र जायसवाल और सह प्रभारी मोनिका शर्मा ने इस कार्यक्रम से जुड़ी तमाम तकनीकी जानकारियां विस्तार से साझा कीं। इसके अलावा सूचना तकनीक प्रकोष्ठ के प्रोग्रामर रवि गहलोत ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत हेल्थ प्रोफेशनल आईडी, हेल्थ फैसिलिटी आईडी और आईएचआईएमएस पोर्टल के संचालन की पूरी प्रक्रिया समझाई जिसमें शहरभर के निजी अस्पतालों के चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहे।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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