WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

भारतीय अर्थव्यवस्था की चाल को देखते हुए जीडीपी में वृद्धि का अनुमान

वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर जीडीपी में वृद्धि के अनुमान की राहत भरी खबर सामने आई है।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली, दिल्ली। वैश्विक स्तर पर जारी विभिन्न प्रकार की अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक बेहद सकारात्मक और राहत भरी खबर सामने आई है। देश के भीतर लगातार मजबूत हो रहे आर्थिक मोर्चों को देखते हुए दुनिया भर के प्रतिष्ठित संस्थानों ने देश की प्रगति पर अपना भरोसा जताया है। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, कई प्रमुख वैश्विक एजेंसियों और रेटिंग संस्थानों ने मिलकर चालू वित्त वर्ष के लिए देश की जीडीपी में वृद्धि के अनुमान में महत्वपूर्ण संशोधन किया है, जिससे बाजार में उत्साह का माहौल है।  [1]

बड़ी बढ़त

एशियाई विकास बैंक और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन के साथ-साथ फिच रेटिंग्स और एसएंडपी ग्लोबल जैसी दिग्गज एजेंसियों ने वित्त वर्ष के लिए जीडीपी में वृद्धि के अनुमान को ऊपर की ओर संशोधित किया है। इन सभी वैश्विक संस्थानों ने अपने संशोधित आंकड़ों में विकास दर को 6.9 प्रतिशत से लेकर 7.1 प्रतिशत के दायरे में रखा है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और तमाम चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने अपनी आंतरिक ताकत का शानदार प्रदर्शन किया है, जिसके चलते जीडीपी में वृद्धि का अनुमान दर्ज किया गया है।

मजबूत मांग

विशेषज्ञों का कहना है कि देश के भीतर निवेश में तेजी, उपभोग में लगातार बढ़ोतरी और मजबूत औद्योगिक गतिविधियों ने अर्थव्यवस्था को एक ठोस आधार प्रदान किया है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान देश की आर्थिक वृद्धि दर उम्मीद से कहीं अधिक मजबूत यानी 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इस शानदार प्रदर्शन को आधार बनाते हुए विभिन्न वैश्विक एजेंसियों ने अपने पुराने अनुमानों में बदलाव किया है। जानकारों के अनुसार देश की अर्थव्यवस्था की यह मजबूती यह साबित करती है कि तमाम बाहरी दबावों के बावजूद घरेलू मांग और औद्योगिक उत्पादन लगातार पटरी पर बने हुए हैं। जिसके चलते जीडीपी में वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। 

रिजर्व बैंक

इन सभी पांचों प्रमुख वैश्विक एजेंसियों के नए आंकड़े भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पूर्व में लगाए गए 6.7 प्रतिशत के अनुमान से काफी अधिक हैं। हालांकि इन तमाम सकारात्मक पहलुओं के बीच खुदरा और थोक मुद्रास्फीति से जुड़े मोर्चे पर कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। बढ़ती महंगाई के दबाव को देखते हुए कई रेटिंग एजेंसियों का अनुमान है कि केंद्रीय बैंक आने वाले महीनों में नीतिगत दरों यानी रेपो रेट में बढ़ोतरी करने का कदम उठा सकते हैं। इसके बावजूद देश की आर्थिक रफ्तार को लेकर विशेषज्ञों का नजरिया पूरी तरह आश्वस्त करने वाला बना हुआ है।

भविष्य की उम्मीद

आने वाले समय में देश के भीतर निजी निवेश में और अधिक तेजी आने की पूरी संभावना जताई जा रही है, जो आर्थिक गतिविधियों को और मजबूती देगी और जीडीपी में वृद्धि होगी। सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे के विकास पर लगातार दिए जा रहे जोर से रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। इसके साथ ही कृषि और विनिर्माण क्षेत्रों में सुधार के संकेत मिलने से ग्रामीण और शहरी दोनों ही स्तरों पर मांग में निरंतर इजाफा होगा। देश की इस सशक्त आर्थिक स्थिति के दम पर यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में जीडीपी में वृद्धि के ये सकारात्मक आंकड़े देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

अस्वीकरण (Disclaimer): 

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। आर्थिक विकास और निवेश से जुड़े वित्तीय फैसले लेने से पहले पाठकों को अपने स्तर पर विशेषज्ञ सलाह अवश्य लेनी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief