प्रस्तावित बैंक हड़ताल से पहले रविवार को भी खुले रहेंगे सभी बैंक
आगामी 28 सितंबर से 30 सितंबर, तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल से ठीक पहले आम जनता और ग्राहकों की सुविधा के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है।
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली, दिल्ली। आगामी तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल से ठीक पहले आम जनता और ग्राहकों की सुविधा के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। देश भर में वित्तीय कामकाज को सुचारू बनाए रखने के लिए सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित हड़ताल के असर को बेअसर करने के उद्देश्य से सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक इस बार रविवार के दिन भी सामान्य रूप से खुले रहेंगे और कामकाज करेंगे। [1]
बड़ी राहत
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स द्वारा आगामी अठ्ठाइस से तीस सितंबर तक तीन दिनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। चूंकि छब्बीस सितंबर को महीने का चौथा शनिवार और सत्ताईस सितंबर को रविवार है, ऐसे में हड़ताल से जुड़ने पर लगातार पांच दिनों तक कामकाज पूरी तरह ठप हो सकता था। आम जनता की इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह बड़ा निर्णय लिया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने भी इसके लिए अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है जिसके तहत सभी बैंक शाखाएं, कार्यालय और करेंसी चेस्ट खुले रहेंगे।
खास तैयारी
भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति मिलने के बाद सभी बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। चालू वित्त वर्ष के इस दौर में बैंक हड़ताल होने से वित्तीय कामकाज पर बहुत बड़ा असर पड़ सकता था, जिसे टालने के लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। जानकारों का कहना है कि बैंकों का खुला रहना ग्राहकों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है क्योंकि इससे वे अपने जरूरी वित्तीय कार्य समय पर पूरे कर सकेंगे। सरकार और बैंक प्रबंधन लगातार यह प्रयास कर रहे हैं कि आम लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मुख्य कारण
बैंक यूनियनों की मुख्य मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली को जल्द लागू करना और अन्य कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। सरकार और यूनियनों के बीच कई दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद यह बैंक हड़ताल प्रस्तावित की गई है, हालांकि इस बीच लगातार सुलह के प्रयास भी जारी हैं। वित्त मंत्रालय ने यूनियनों से अपील की है कि वे हड़ताल के फैसले पर पुनर्विचार करें और ग्राहकों के व्यापक हित को ध्यान में रखें। इसके बावजूद यदि बैंक हड़ताल होती है, तो रविवार को बैंकों का खुला रहना अर्थव्यवस्था और वित्तीय लेनदेन के लिहाज से एक बहुत ही अहम कदम साबित होगा।
विशेष नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कदमों से बैंकिंग सेक्टर में होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी सभी जरूरी बैंकिंग और वित्तीय गतिविधियों को समय रहते पूरा कर लें ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो। डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि आपात स्थिति में लेनदेन प्रभावित न हो। देश की आर्थिक गतिविधियों को गति देने और उपभोक्ताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए इस प्रकार के एहतियाती कदम बेहद जरूरी माने जा रहे हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय लेनदेन से जुड़े फैसले पर सक्षम स्तर पर जारी आदेश ही अंतिम व सर्वमान्य हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।