WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

अस्पतालों और आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण अभियान

सरकारी एवं निजी अस्पतालों तथा उनके आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों की गुणवत्ता जांच के लिए सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg सघन निरीक्षण अभियान

सघन निरीक्षण अभियान

बीकानेर, राजस्थान। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि आयुक्तालय के निर्देशानुसार 24 से 30 सितंबर 2026 तक प्रदेश में सरकारी एवं निजी अस्पतालों तथा उनके आसपास संचालित कैंटीन, कैफेटेरिया, भोजनालय, रेस्टोरेंट एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण और नमूनीकरण अभियान चलाया जा रहा है। अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पुखराज साध ने बताया कि अभियान के तहत गुरुवार को राजकीय पीबीएम अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा संचालित मुख्य किचन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान किचन का खाद्य अनुज्ञा पत्र (लाइसेंस) नहीं पाया गया। इसके अलावा, किचन के स्टोर में दालों के 8 कट्टे, लगभग 240 किलोग्राम मूंगफली का तेल, लगभग 60 किलोग्राम और 50 किलोग्राम दलिया मिला, जिन पर निर्माण तथा एक्सपायरी तिथि अंकित नहीं थी। इस अमानक सामग्री को मौके पर ही पुनः वेंडर को वापस भिजवा दिया गया।

अनियमितताएं

इसी क्रम में, पीबीएम परिसर में मर्दाना अस्पताल के सामने टेंडर के माध्यम से संचालित मैसर्स रामावत स्टैंडर्ड मार्ट कैंटीन तथा अस्पताल और उनके आसपास संचालित रेस्टोरेंट व खाद्य इकाइयों का भी औचक सघन निरीक्षण किया गया। ये प्रतिष्ठान बिना वैध खाद्य अनुज्ञा पत्र के संचालित पाए गए। यहाँ आमजन को कचौरी और समोसे जैसी खाद्य सामग्री समाचार पत्र पर खुले में रखकर परोसी जा रही थी, जिसे अधिकारियों ने तुरंत मौके पर ही नष्ट करवाया। निरीक्षण के दौरान संचालकों के पास मेडिकल प्रमाणपत्र, पेस्ट कंट्रोल और पेयजल की जांच रिपोर्ट जैसे आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं मिले।

ख़राब सामग्री नष्ट

सघन निरीक्षण के दौरान जूस कॉर्नर और अन्य दुकानों पर लगभग 25 किलोग्राम सड़े हुए पपीते, केले तथा कटे हुए व साबुत अनार पाए गए। इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक, ब्रेड और भुजिया जैसी अन्य खाद्य सामग्री भी खराब मिलने पर मौके पर ही नष्ट करवा दी गई। पूरे परिसर में साफ-सफाई का स्तर बेहद असंतोषजनक पाया गया, जिससे मरीजों और आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। इन सभी कमियों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक स्तर पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई है।

विधिक कार्रवाई

संबंधित दोनों संस्थानों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत कड़े 'इम्प्रूवमेंट नोटिस' जारी किए जा रहे हैं। इस पूरी कार्रवाई के दौरान कुल चार खाद्य नमूने (सैंपल) लिए गए हैं, जिन्हें विस्तृत जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने संचालकों को खाद्य पदार्थों की शुद्धता, सुरक्षित भंडारण, व्यक्तिगत स्वच्छता, परिसर की साफ-सफाई और पेयजल की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। यह पूरी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारियों श्री श्रवण कुमार वर्मा, श्री भानू प्रताप सिंह गहलोत, श्री सुरेंद्र कुमार और श्री राकेश गोदारा की संयुक्त टीम द्वारा की गई है।

अस्वीकरण (Disclaimer): 

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य निरीक्षण से जुड़े आधिकारिक तथ्यों की पुष्टि के लिए पाठकों को संबंधित स्रोतों की जानकारी लेनी चाहिए। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief