परीक्षा मूल्यांकन विवाद के बीच नए सीबीएसई चेयरमैन की नियुक्ति
केंद्रीय शिक्षा बोर्ड में बड़े प्रशासनिक बदलाव के तहत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनदीप के भंडारी को नए चेयरमैन के रूप में नियुक्त किया गया है।
सीबीएसई के नए चेयरमैन मनदीप के भंडारी
नई दिल्ली, भारत। देश के शिक्षा जगत से इस समय एक बहुत बड़ा प्रशासनिक फेरबदल सामने आ रहा है, जिसने राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनदीप के भंडारी को देश के सबसे बड़े शिक्षा बोर्ड के पद पर जिम्मेदारी सौंपी है। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति के बाद अब वह सीबीएसई के नए चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभालेंगे और बोर्ड की आगामी प्रशासनिक गतिविधियों का नेतृत्व करेंगे। यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है जब देश भर में परीक्षा व्यवस्था और मूल्यांकन पद्धतियों को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं चल रही हैं। [1]
बोर्ड की कमान
नियुक्ति संबंधी आदेश जारी होने के बाद से ही शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले इस प्रमुख संस्थान में कामकाज को लेकर नई उम्मीदें बंधने लगी हैं। नए चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभालने वाले मनदीप के भंडारी इससे पहले कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी प्रशासनिक दक्षता और लंबे अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है ताकि बोर्ड के कामकाज में और अधिक पारदर्शिता लाई जा सके। देश भर के लाखों छात्रों और शिक्षकों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि नए नेतृत्व में बोर्ड की कार्यप्रणाली में किस प्रकार के सकारात्मक और आवश्यक बदलाव देखने को मिलते हैं।
ओएसएम विवाद
पिछले कुछ महीनों के दौरान यह बोर्ड ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम यानी ओएसएम प्रणाली को लेकर काफी सुर्खियों में रहा था। परीक्षा कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन की इस नई व्यवस्था को लागू किए जाने के बाद छात्रों और अभिभावकों की तरफ से कई तरह की शिकायतें सामने आई थीं। मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी गड़बड़ियों और रिजल्ट से जुड़ी परेशानियों के कारण चारों तरफ भारी असंतोष देखने को मिला था। इन सभी गंभीर मामलों को संज्ञान में लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने स्थिति की समीक्षा की थी और प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव करने का कड़ा निर्णय लिया था।
प्रशासनिक फेरबदल
छात्रों और अभिभावकों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने बोर्ड के भीतर कई उच्च स्तरीय फेरबदल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। पूर्व में भी नेतृत्व स्तर पर फेरबदल किए गए थे ताकि व्यवस्था को जल्द से जल्द पूरी तरह पटरी पर लाया जा सके। अब सीबीएसई के नए चेयरमैन के रूप में मनदीप के भंडारी की यह ताजपोशी इस दिशा में एक और बड़ा तथा निर्णायक कदम मानी जा रही है। जानकारों का मानना है कि इस उच्च स्तरीय बदलाव से प्रशासनिक अमले में एक नई कार्य संस्कृति विकसित होगी और डिजिटल मूल्यांकन से जुड़ी तमाम तकनीकी कमियों को पूरी तरह दूर किया जा सकेगा।
छात्र हित
करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इस राष्ट्रीय संस्थान के सामने इस समय कई बड़ी और चुनौतीपूर्ण समस्याएं मुंह बाए खड़ी हैं। परीक्षा परिणामों की सटीकता और मूल्यांकन प्रक्रिया की विश्वसनीयता को बहाल करना नए नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी और प्राथमिक प्राथमिकता रहने वाली है। देश भर के शैक्षणिक संगठनों और छात्र संगठनों ने भी उम्मीद जताई है कि नए अधिकारी पारदर्शी कदम उठाकर छात्रों के मन में बैठे सभी प्रकार के संशयों को दूर करेंगे। शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का यह भी कहना है कि तकनीकी आधुनिकता के साथ-साथ छात्र हित को सर्वोपरि रखना ही किसी भी सफल प्रशासनिक व्यवस्था की असली कसौटी होती है।
भविष्य की राह
आगामी समय में बोर्ड के समक्ष परीक्षाओं के सुचारू संचालन और समय पर परिणाम घोषित करने की बड़ी जिम्मेदारी कंधों पर रहने वाली है। सीबीएसई के नए चेयरमैन को न केवल पुरानी तकनीकी कमियों से निपटना होगा बल्कि भविष्य के लिए एक मजबूत और सुरक्षित डिजिटल बुनियादी ढांचा भी तैयार करना होगा। प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि यदि इस बार सुधारात्मक कदम सख्ती से नहीं उठाए गए तो संस्था की साख पर फिर से सवाल उठ सकते हैं। देश भर की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि यह नया प्रशासनिक नेतृत्व शिक्षा व्यवस्था को किस दिशा में लेकर जाता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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