10 घंटे का लंबा रेस्क्यू विफल, बोरवेल में दम घुटने से बच्ची की मौत
फरीदाबाद जिले से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है, जहां खुले बोरवेल में गिरी तीन साल की मासूम बच्ची की जान बचाई नहीं जा सकी।
मृतका बच्ची और रेस्क्यू ऑपरेशन
फरीदाबाद, हरियाणा। देश के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटे फरीदाबाद इलाके में लापरवाही के कारण एक बड़ा हादसा हो गया है, जिसने एक बार फिर खुले बोरवेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यहां एक खुले पड़े बोरवेल में तीन साल की एक मासूम बच्ची खेलते-खेलते अचानक गिर गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन, स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया, जिसके बाद बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। [विडियो] [1]
रेस्क्यू ऑपरेशन
विस्तृत जानकारियों के मुताबिक, इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने अत्याधुनिक मशीनों और प्रशिक्षित बचाव कर्मियों की मदद ली। बोरवेल के समानांतर एक गड्ढा खोदकर बच्ची तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा था ताकि उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। शुरुआती घंटों में अभियान के दौरान उम्मीद की जा रही थी कि बच्ची को सकुशल बचा लिया जाएगा, क्योंकि बचाव दल द्वारा ऑक्सीजन की सप्लाई और कैमरे के जरिए उसकी हरकतों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। हालांकि, गहराई अधिक होने और मिट्टी धंसने जैसी तकनीकी बाधाओं के कारण राहत कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिससे कीमती समय निकलता चला गया।
प्रशासनिक लापरवाही
इस दुखद घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों में जिला प्रशासन तथा बोरवेल मालिक के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। ग्रामीणों और चश्मदीदों का यह आरोप है कि खेतों और सुनसान इलाकों में इस तरह के खुले बोरवेल लंबे समय से बिना ढक्कन के छोड़े गए थे, जिसके बारे में कई बार शिकायत भी की जा चुकी थी। सुप्रीम कोर्ट और प्रशासनिक स्तर पर बोरवेल को लेकर कड़े सुरक्षा निर्देश जारी किए जाने के बावजूद जमीन मालिकों द्वारा बरती जाने वाली यह घोर लापरवाही अक्सर ऐसे मासूम बच्चों के लिए मौत का कुआं साबित हो रही है, जिस पर अभी तक कोई ठोस लगाम नहीं लग पाई है।
Faridabad, Haryana: After nearly 10 hours of rescue efforts, the girl who fell into a borewell in Sector 8 was pulled out. She was found unresponsive and was immediately taken to a hospital for further medical attention. pic.twitter.com/EnfUzHZecx
— IANS (@ians_india) September 27, 2026
अस्पताल की पुष्टि
लगभग 10 घंटे तक चले इस भीषण और संघर्षपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार बचाव दल ने बच्ची को बोरवेल से बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्ची को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक अंदर रहने, दम घुटने और अत्यधिक ठंड व सदमे के कारण बच्ची की स्थिति पहले ही बेहद नाजुक हो चुकी थी। इस हृदयविदारक अंत के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस और जिला प्रशासन ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए संबंधित बोरवेल मालिक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रशासन ने यह भी ऐलान किया है कि जिले में जितने भी अवैध या खुले बोरवेल हैं, उनकी एक विशेष सूची तैयार कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की किसी अन्य दुर्घटना की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है और सुरक्षित बचपन के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
Faridabad, Haryana: NDRF Deputy Commandant Kunal Tiwari says, "...This entire operation was a joint effort. In this, we worked together with the Haryana Police, Haryana SDRF, UP Civil Defence, Haryana's medical department, and the Municipal Corporation. And just now, at around… pic.twitter.com/KyFORwnOJo
— IANS (@ians_india) September 27, 2026