सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में बिरजा राम और जवाना राम ने किया देहदान
बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में मानवता और चिकित्सा शिक्षा की सेवा के लिए बिरजा राम और जवाना राम ने देहदान का संकल्प पत्र भरकर शरीर रचना विभाग को सौंपा।
बिरजा राम और जवाना राम ने किया देहदान
बीकानेर, राजस्थान। जीवन के बाद भी मानवता और चिकित्सा शिक्षा की सेवा जारी रखने का एक अत्यंत प्रेरणादायी संदेश देते हुए सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दे चुके बिरजा राम भील तथा कृष्णा पेट्रोल पंप पूगल रोड से जुड़े जवाना राम नायक ने सोमवार को देहदान का संकल्प लिया। इन दोनों महानुभावों ने अपने देहदान संबंधी संकल्प प्रपत्र भरकर शरीर रचना विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश मणि को आधिकारिक रूप से सौंपे, जिससे समाज में एक बेहद सकारात्मक संदेश प्रसारित हुआ है।
जागरूकता अभियान
सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार द्वारा देहदान के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए लगातार देहदान संकल्प जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देहदान से जुड़ी सभी प्रकार की भ्रांतियों को दूर करते हुए लोगों को इसके चिकित्सा, वैज्ञानिक और मानवीय महत्व से भली-भांति परिचित करवाना है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस नेक कार्य के लिए आगे आ सकें और समाज में फैली भ्रांतियों का पूरी तरह से निवारण हो सके।
चिकित्सा महत्व
चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में देहदान का अत्यंत विशेष और महत्वपूर्ण स्थान होता है। यह मेडिकल विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना को बहुत गहराई से समझने, व्यावहारिक चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने तथा विभिन्न प्रकार के नवीन चिकित्सकीय अनुसंधान में देहदान सबसे महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है। प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र कुमार की इस सराहनीय पहल के माध्यम से आमजन को यह सशक्त संदेश दिया जा रहा है कि मृत्यु के उपरांत देहदान कर व्यक्ति भावी चिकित्सकों की शिक्षा में योगदान दे सकता है।
प्रेरणादायी कदम
बिरजा राम भील और जवाना राम नायक का यह साहसिक निर्णय इसी सामाजिक चेतना को आगे बढ़ाने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। दोनों का यह देहदान संकल्प समाज के लिए एक अत्यंत प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया है और यह संदेश देता है कि सच्ची मानव सेवा की भावना जीवन के बाद भी हमेशा कायम रह सकती है। इस प्रकार के सामाजिक सरोकार के कार्यों से चिकित्सा विज्ञान के विकास को नई गति मिलती है और आने वाली पीढ़ियों को भी भलाई के कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट घटनाओं और प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।