बगहा में गंडक नदी का जलस्तर पहुंचा रिकॉर्ड स्तर पर
बिहार में बगहा से गुजरने वाली गंडक नदी ने अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है और जलस्तर बढ़ने से चंपारण तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया है।
गंडक नदी में लगातार बढ़ता जलस्तर
बगहा, बिहार। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में हुई मूसलाधार और लगातार बारिश के बाद बिहार से गुजरने वाली गंडक नदी का जलस्तर अपने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए 91.25 मीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से रिकॉर्ड पांच लाख तितालीस हजार पांच सौ क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण नदी का दबाव अत्यधिक बढ़ गया। इस भारी जलप्रवाह के चलते पश्चिमी चंपारण जिले के विभिन्न इलाकों में स्थिति गंभीर बनी हुई है और निचले हिस्सों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। [विडियो] [1]
तटबंध क्षतिग्रस्त
बगहा-1 ब्लॉक के खैरातवा गांव और बैरिया ब्लॉक के फुलियाखाड़ गांव के पास गंडक नदी के बाएं तट पर स्थित चंपारण तटबंध के क्षतिग्रस्त होने की खबर सामने आई है। अत्यधिक पानी के दबाव और रिसाव के कारण तटबंध का एक हिस्सा टूट गया, जिससे आसपास के खेतों और गांवों में पानी घुसने लगा है। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों के बीच भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीण और प्रशासनिक अधिकारी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि जलप्रवाह को जल्द नियंत्रित नहीं किया गया तो स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है।
राहत और बचाव
तटबंध टूटने और बढ़ते जलस्तर की सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा इंजीनियरों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। प्रभावित इलाकों में सुरक्षात्मक उपायों और युद्धस्तर पर बचाव कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। विभाग की ओर से संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त इंजीनियरों और तकनीकी दलों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी अनहोनी से तुरंत निपटा जा सके। पानी के रिसाव को रोकने और टूटे हुए हिस्सों को दुरुस्त करने के लिए बालरी बोरियों व अन्य संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।
प्रशासनिक मुस्तैदी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहे हैं और निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। मुख्यालय से विशेष तकनीकी दलों को भी प्रभावित जिलों में रवाना किया गया है जो पल-पल की स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य आबादी वाले क्षेत्रों में बाढ़ के पानी को फैलने से रोकना और जनजीवन को सामान्य बनाए रखना है। राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन बलों को भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है।
सतर्कता जरूरी
गंडक नदी के जलस्तर में हो रहे लगातार उतार-चढ़ाव को देखते हुए नदी के आसपास के सभी जिलों के लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी गई है। मौसम विभाग और जल संसाधन विभाग की चेतावनियों के बाद प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। स्थानीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह रिपोर्ट विभिन्न आधिकारिक स्रोतों और समाचार अपडेट्स से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से किया गया है। जलस्तर या बाढ़ की स्थिति में होने वाले बदलावों के संबंध में संबंधित प्रशासनिक विभागों का निर्णय ही अंतिम होगा। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक या संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।
गोपालगंज: वाल्मीकि नगर बराज अधिक पानी के पहुंचने से गंडक के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही। तटबंधों पर दबाव बढ़ने लगा है। जबकि तटबंधों के अंदर बसे हुए आधा दर्जन से ज्यादा गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी तेजी से फैलने लगा है। गांव से लोगों का पलायन शुरू#NBTBihar #GopalganjNews pic.twitter.com/vwzWIPD295
— NBT Bihar (@NBTBihar) September 28, 2026