WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

नीरव मोदी का सहयोगी संदीप मिस्त्री पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में दबोचा

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पण के बाद नीरव मोदी के सहयोगी संदीप मिस्त्री को गिरफ्तार किया।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली, नई दिल्ली। देश के चर्चित वित्तीय घोटालों और भगोड़े कारोबारियों के खिलाफ जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है, जिसके तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अरबों रुपए के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) धोखाधड़ी मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी और भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी के सहयोगी संदीप मिस्त्री को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से प्रत्यर्पण कराकर भारत में गिरफ्तार कर लिया है। इस उच्चस्तरीय कार्रवाई को अंजाम देते हुए केंद्रीय एजेंसी ने आरोपी को मंगलवार को मुंबई की एक विशेष अदालत के समक्ष पेश किया, जहाँ अदालत ने उसे आगामी छह अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।  [1]

आपराधिक साजिश का खुलासा

जांच एजेंसियों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई नवंबर 2025 में विशेष अदालत द्वारा जारी किए गए गैर-जमानती वारंट के आधार पर सुनिश्चित की गई है। गिरफ्तार किया गया आरोपी संदीप मिस्त्री भगोड़े नीरव मोदी की हांगकांग स्थित प्रमुख कंपनी 'फैंसी क्रिएशन्स लिमिटेड' का निर्देशक रह चुका है। सीबीआई के आधिकारिक दस्तावेजों और प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि मिस्त्री ने नीरव मोदी और अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर एक गहरी आपराधिक साजिश रची थी। इसी षड्यंत्र के तहत पंजाब नेशनल बैंक के साथ करीब 6,498.20 करोड़ रुपये की भारी-भरकम वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया था, जिससे बैंकिंग व्यवस्था को तगड़ा झटका लगा था।

साक्ष्यों को नष्ट करने के आरोप

केंद्रीय एजेंसी की शुरुआती तफ्तीश में यह भी खुलासा हुआ है कि इस बड़े घोटाले के उजागर होने के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए कई हथकंडे अपनाए थे। सीबीआई का आरोप है कि संदीप मिस्त्री ने नीरव मोदी के भाई नेहल मोदी और अन्य वांछित सहयोगियों के साथ मिलकर दुबई में स्थित विभिन्न फर्जी फर्मों के डमी डायरेक्टर्स को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी थीं। इन गवाहों और कर्मचारियों को गिरफ्तारी के डर से दुबई छोड़ने और मिस्र के काहिरा भाग जाने के लिए मजबूर किया गया था। इसके अलावा, मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और महत्वपूर्ण जानकारियों को छुपाने के लिए आरोपियों ने अपने इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन और अन्य उपकरणों को भी नष्ट कर दिया था।

वित्तीय धोखाधड़ी का दायरा

यह पूरा बहुचर्चित प्रकरण वर्ष 2018 से प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई की रडार पर है, जिसमें नीरव मोदी, उसके मामा मेहुल चोकसी और अन्य सहयोगियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक फ्रॉड के कई गंभीर मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन सभी ने बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से मुंबई की ब्रैडी हाउस स्थित पीएनबी शाखा से फर्जी और अनधिकृत 'लेटर ऑफ अंडरटेकिंग' (LoUs) जारी करवाकर दो अरब डॉलर यानी लगभग 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की ऐतिहासिक बैंक धोखाधड़ी को अंजाम दिया था। इस मामले में कई मुख्य आरोपी पहले से ही अंतरराष्ट्रीय जांच के दायरे में हैं और विभिन्न एजेंसियों द्वारा उनके प्रत्यर्पण के प्रयास लगातार जारी हैं।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

संदीप मिस्त्री के प्रत्यर्पण और गिरफ्तारी के बाद अब इस पूरे सिंडिकेट के बचे हुए नेटवर्क और छिपे हुए वित्तीय लेन-देन की परते तेजी से खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। सीबीआई हिरासत के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ करके उन अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी जो इस अंतरराष्ट्रीय वित्तीय फर्जीवाड़े में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहे हैं। देश की आर्थिक संप्रभुता को नुकसान पहुँचाने वाले ऐसे मामलों में केंद्रीय एजेंसियां सर्वोच्च न्यायालय और विशेष अदालतों के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपनी कानूनी कार्यवाही पूरी मुस्तैदी से आगे बढ़ा रही हैं ताकि दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief