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मिलिट्री नर्सिंग सेवा के शताब्दी वर्ष पर स्मारक सिक्का जारी होगा

नई दिल्ली में मिलिट्री नर्सिंग सेवा के सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर सरकार द्वारा 100 रुपए का एक विशेष स्मारक सिक्का जारी किया जाएगा।

By अजय त्यागी
1 min read
Advertisement002309202602.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली। देश की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर तैनात सैन्य बलों से तो लगभग हर कोई परिचित है, लेकिन इन सैनिकों को हर कदम पर, हर आपात स्थिति में, दुर्घटनाओं के दौरान और युद्ध के समय चिकित्सा एवं नर्सिंग सेवाएं उपलब्ध कराने वाली एक महत्वपूर्ण इकाई के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। यह सेवा मिलिट्री नर्सिंग सेवा के नाम से जानी जाती है। पिछले कई दशकों से सैन्य नर्सिंग सेवा की समर्पित टीम सैन्यकर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शांति तथा युद्ध, दोनों परिस्थितियों में पेशेवर नर्सिंग सेवाएं प्रदान करती रही है। सैन्य स्वास्थ्य सेवाओं में मिलिट्री नर्सिंग सेवा का योगदान भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास और विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

शताब्दी वर्ष

भारत सरकार इस महत्वपूर्ण सेवा के शताब्दी वर्ष का आयोजन कर रही है। इसी अवसर को यादगार बनाने के लिए एक विशेष 100 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया जाएगा। 28 सितंबर 2026 को वित्त मंत्रालय द्वारा जारी गजट अधिसूचना में इस सिक्के की पुष्टि की गई है। सिक्कों के संग्रह एवं अध्ययन से जुड़े प्रसिद्ध मुद्राशास्त्री सुधीर लुणावत के अनुसार, इस स्मारक सिक्के का निर्माण भारत सरकार की कोलकाता टकसाल द्वारा किया जाएगा। सिक्के का कुल वजन 35 ग्राम होगा। इसमें 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत तांबा तथा 5 प्रतिशत निकल और 5 प्रतिशत जस्ता का मिश्रण होगा। सिक्के का व्यास 44 मिलीमीटर होगा।

सिक्के का डिजाइन

सुधीर लुणावत ने बताया कि मिलिट्री नर्सिंग सेवा के इस सिक्के के एक तरफ मध्य में 100 का अंक प्रदर्शित किया जाएगा। इस 100 के डिजाइन के भीतर मिलिट्री नर्सिंग सेवा का लोगो और नर्स की आकृति प्रदर्शित की जाएगी। 100 की ऊपरी परिधि पर हिंदी में मिलिट्री नर्सिंग सेवा का शताब्दी समारोह तथा निचली परिधि पर अंग्रेजी में सेंटेनरी सेलिब्रेशन ऑफ मिलिट्री नर्सिंग सेवा अंकित होगा। केंद्रीय डिजाइन के नीचे 1926-2026 लिखा जाएगा। सिक्के के दूसरे भाग के मध्य में अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष अंकित होगा। इसके बाईं ओर देवनागरी में भारत तथा दाईं ओर अंग्रेजी में इंडिया लिखा होगा। अशोक स्तंभ के ठीक नीचे 100 रुपये के रूप में सिक्के का मूल्यवर्ग प्रदर्शित किया जाएगा।

सामान्य मुद्रा नहीं 

यह स्मारक सिक्का सामान्य मुद्रा के रूप में प्रचलन में नहीं आएगा, बल्कि संग्रहणीय स्मारक सिक्के के रूप में जारी किया जाएगा। इसके जारी होने के बाद इसे भारत सरकार की कोलकाता टकसाल की आधिकारिक वेबसाइट और बिक्री व्यवस्था के माध्यम से खरीदा जा सकेगा। मिलिट्री नर्सिंग सेवा के 1926 से 2026 तक के 100 वर्षों के सफर को समर्पित यह सिक्का देश की सैन्य चिकित्सा व्यवस्था में मिलिट्री नर्सिंग सेवा के योगदान और समर्पण की स्मृति को संजोने वाला एक महत्वपूर्ण संग्रहणीय स्मारक होगा। इस ऐतिहासिक पहल से देश की नई पीढ़ी को भी इस गौरवशाली सेवा के इतिहास के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त हो सकेगी।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief