लाडनूं में हुआ तेरापंथ युवक परिषद के साठवें अधिवेशन का भव्य आयोजन
लाडनूं में आचार्यश्री महाश्रमणजी के सान्निध्य में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के साठवें अधिवेशन का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन संपन्न।
साठवें अधिवेशन का भव्य आयोजन
लाडनूं, राजस्थान। लाडनूं में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के 60वें अधिवेशन का भव्य आयोजन परम पूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ। भारतवर्ष के विभिन्न क्षेत्रों से आए युवाओं के इस विशाल समागम में तेरापंथ युवक परिषद्, चेंबूर ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। चेंबूर से लगभग 13 सदस्यों एवं 5 युवकों ने सपत्नीक इस ऐतिहासिक अधिवेशन में सक्रिय रूप से सहभागिता की। इस भव्य आयोजन ने देश भर से आए युवाओं को वैचारिक रूप से जोड़ने और एक नई दिशा प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।
प्रेरणादायी संवाद
अधिवेशन के दौरान अनेक रोचक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किए गए। विशेष रूप से ‘संवाद संतों से’ कार्यक्रम में कुमारश्रमणजी के भावपूर्ण संबोधन ने युवाओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। वहीं युवाचार्यश्री के ‘जैन रामायण’ विषयक संबोधन ने युवाओं की विशेष रुचि आकर्षित किया और उन्हें जैन संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों से मजबूती से जोड़ने का कार्य किया। इन धार्मिक सत्रों के माध्यम से युवाओं को अपने प्राचीन सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को गहराई से समझने का अनमोल अवसर प्राप्त हुआ।

गोचरी सेवा
परम पूज्य गुरुदेव एवं युवाचार्यश्री के समक्ष प्रस्तुत सुंदर गीतिका ने पूरे वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय एवं संगीतमय बना दिया। इसके साथ ही गोचरी सेवा के माध्यम से युवाओं में सच्ची सेवा-भावना के साथ-साथ एक नई आंतरिक ऊर्जा का संचार हुआ। इस प्रकार के सेवा कार्यों ने युवाओं को अनुशासन, समर्पण और सामूहिक सहकारिता का व्यावहारिक पाठ पढ़ाया। इन आयोजनों ने सभी उपस्थित साधकों के मन पर अमिट छाप छोड़ी और उन्हें समाज सेवा के प्रति प्रेरित किया।
तपस्या की अनुमोदना
अधिवेशन के दौरान कंठी तप करने वाली श्राविका श्रीमती नेहा निलेश राठौड़ की तपस्या की अनुमोदना के लिए तेरापंथ युवक परिषद्, चेंबूर द्वारा रात्रि में विशेष गीतिका एवं अनुमोदना कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सभी का ध्यान आकर्षित किया और तपस्या के महत्व को रेखांकित किया। तेरापंथ युवक परिषद्, चेंबूर के अध्यक्ष हिमांशुजी गन्ना एवं उनकी पूरी टीम ने इस अधिवेशन यात्रा को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने इस आयोजन को ज्ञान, ऊर्जा, अध्यात्म और तप की भावना से ओत-प्रोत करने के लिए अथक श्रम किया।

सामूहिक सहभागिता
इस अवसर पर परिषद् के मंत्री कपिलजी मेहता ने अधिवेशन की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि सभी सदस्यों की सक्रिय सहभागिता और सामूहिक श्रम ने इस आयोजन को सफल एवं स्मरणीय बनाने में अहम भूमिका निभाई। इस ऐतिहासिक समागम से लौटे युवाओं में एक नया संकल्प और सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिल रही है। यह अधिवेशन आने वाले समय में संगठन के विस्तार और वैचारिक सुदृढ़ीकरण की दृष्टि से एक मील का पत्थर साबित होगा। सभी सहभागियों ने इस प्रकार के आयोजनों को भविष्य में भी निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट लाडनूं में आयोजित अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के अधिवेशन से जुड़े वास्तविक तथ्यों और प्राप्त विवरणों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सकारात्मक सामाजिक संदेश और आध्यात्मिक जागरूकता का प्रसार करना है। इस आयोजन से जुड़े सभी प्रशासनिक निर्णय संबंधित आयोजकों के माध्यम से तय किए गए हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी अन्य निर्णय के लिए लेखक या संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।