समग्र शिक्षा के अंतर्गत औद्योगिक भ्रमण से विद्यार्थी विकास की पहल
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय पुर की छात्राओं ने मांडल की फैक्ट्री का औद्योगिक भ्रमण कर कपड़ा निर्माण और आधुनिक तकनीक की जानकारी सीखी।
औद्योगिक भ्रमण दल
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। कौशल विकास और व्यावहारिक शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय छात्राओं को उद्योग का प्रत्यक्ष अनुभव कराने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, पुर की कक्षा नौवीं एवं दसवीं की इकसठ छात्राओं ने मांडल स्थित ब्राइट स्टाइल प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री का भ्रमण कर कपड़ा निर्माण की प्रक्रिया, आधुनिक तकनीक और ऊर्जा संरक्षण की बारीकियों को समझा। व्यावसायिक प्रशिक्षक सुनीता पलोड के अनुसार समग्र शिक्षा के अंतर्गत आयोजित इस औद्योगिक भ्रमण दल को प्रधानाचार्य इरशाद आलम काजी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं को कक्षा में प्राप्त ज्ञान का उद्योग जगत से सीधा जोड़ना था।
फैक्ट्री में स्वागत
कौशल मित्र राजेश शर्मा, व्यावसायिक प्रशिक्षक सुनीता पलोड़ तथा भावना शर्मा के मार्गदर्शन में विद्यालय की छात्राएं मांडल स्थित उक्त फैक्ट्री में पहुंचीं। फैक्ट्री पहुंचने पर मालिक हरिप्रसाद अग्रवाल, फैक्ट्री इंचार्ज महावीर जैन एवं अकाउंट्स हेड सुरेंद्र कुमार डाड ने पूरी गर्मजोशी के साथ छात्राओं का स्वागत किया। भ्रमण के दौरान छात्राओं ने कारखाने के भीतर मशीनों की गूंज के बीच धागे से कपड़ा तैयार होने की पूरी प्रक्रिया को अपनी आँखों से प्रत्यक्ष रूप से देखा और उद्योग की कार्यप्रणाली की गहरी जानकारी हासिल की।
सौर ऊर्जा और पर्यावरण
फैक्ट्री के इस शैक्षणिक दौरे में छात्राओं को उद्योग में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीक और मशीनों के संचालन के तौर-तरीकों से भी अवगत कराया गया। इस दौरान छात्राओं को सौर ऊर्जा से संचालित एयर कंप्रेशर का विशेष रूप से अवलोकन कराया गया, जिससे उन्हें सौर ऊर्जा के उपयोग, विद्युत बचत और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में व्यावहारिक शिक्षा मिली। इस तकनीक को देखकर छात्राओं ने ऊर्जा संरक्षण के प्रति अपनी समझ को और अधिक मजबूत किया तथा इसे अपने दैनिक जीवन में भी अपनाने का संकल्प लिया।
भ्रमण और वापसी
औद्योगिक भ्रमण के इस प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक चरण के पश्चात छात्राओं ने खंडेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन किए तथा आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने मांडल स्थित ऐतिहासिक बत्तीस खंभों की छतरी का भ्रमण किया और उसके प्राचीन ऐतिहासिक एवं स्थापत्य महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। विद्यालय प्रशासन की ओर से छात्राओं के लिए अल्पाहार व भोजन की उचित व्यवस्था की गई थी, जिसके बाद यह पूरा भ्रमण दल सकुशल पुर के लिए रवाना हुआ।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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