WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

दिल्ली के टेक्सटाइल मंच पर भीलवाड़ा की डेनिम साड़ी, मंत्री ने सराहा

डेनिम साड़ी के नवाचार ने दिल्ली के टेक्सटाइल मंच पर भीलवाड़ा की पहचान मजबूत की। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पल्लवी लढा के प्रयास को सराहा।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg टेक्सटाइल विजन 2027 कॉन्क्लेव

टेक्सटाइल विजन 2027 कॉन्क्लेव

नई दिल्ली, दिल्ली (पंकज पोरवाल)। भीलवाड़ा की डेनिम साड़ी ने दिल्ली के टेक्सटाइल मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई। भीलवाड़ा की उद्यमी पल्लवी लढा द्वारा फाइन काउंट में तैयार की गई डेनिम साड़ी के नवाचार की केंद्रीय टेक्सटाइल मंत्री गिरिराज सिंह ने सराहना की। अवसर था इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित लघु उद्योग भारती के टेक्सटाइल डिवीजन के टेक्सटाइल विजन 2027 कॉन्क्लेव का। कार्यक्रम में देशभर से टेक्सटाइल एमएसएमई उद्यमी शामिल हुए। कॉन्क्लेव में उद्योग की मौजूदा चुनौतियों, नीतिगत जरूरतों, तकनीकी विकास और वैश्विक बाजार में संभावनाओं पर चर्चा हुई। डेनिम साड़ी का नवाचार भी इस दौरान आकर्षण का केंद्र रहा।

डेनिम साड़ी का नवाचार

डेनिम साड़ी को भीलवाड़ा की टेक्सटाइल उद्यमिता और नवाचार से जोड़कर देखा गया। उद्यमी पल्लवी लढा ने फाइन काउंट में तैयार इस साड़ी को टेक्सटाइल क्षेत्र में नए प्रयोग के रूप में प्रस्तुत किया। डेनिम साड़ी के नवाचार पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सराहना व्यक्त की। कॉन्क्लेव में टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों ने उत्पादन, प्रतिस्पर्धा, तकनीक और बाजार विस्तार से जुड़ी जरूरतों को सामने रखा। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने टेक्सटाइल कमिश्नर वृंदा देसाई, लघु उद्योग भारती टेक्सटाइल डिवीजन के हेड महेश हुरकट सहित राष्ट्रीय पदाधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

एमएसएमई की मांगें 

लघु उद्योग भारती टेक्सटाइल डिवीजन के हेड महेश हुरकट ने स्वागत उद्बोधन में देशभर से आए उद्यमियों और पदाधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने टेक्सटाइल एमएसएमई के सामने मौजूद प्रमुख समस्याओं और नीतिगत सुधारों की जरूरत को केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा। डेनिम साड़ी जैसे नवाचारों के साथ छोटे और मध्यम उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने तथा उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ने पर भी जोर रहा। हुरकट ने टेक्सटाइल एमएसएमई को मजबूत करने के लिए सरकारी सहयोग की जरूरत बताई। कॉन्क्लेव में उद्योग की जमीनी चुनौतियों से लेकर भविष्य की नीतियों और बाजार विस्तार तक विभिन्न मुद्दों पर विचार रखे गए।

70 प्रतिशत मांगों पर भरोसा

केंद्रीय टेक्सटाइल मंत्री गिरिराज सिंह ने टेक्सटाइल डिवीजन की ओर से रखी गई मांगों पर सकारात्मक रुख जताया। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग की समस्याओं और सुझावों पर गंभीरता से विचार कर रही है तथा डिवीजन की करीब 70 प्रतिशत मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। मंत्री ने टेक्सटाइल एमएसएमई को अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने सरकार और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए नई तकनीक, नवाचार और प्रतिस्पर्धा के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। डेनिम साड़ी जैसे उत्पादों में नवाचार को टेक्सटाइल क्षेत्र में नए अवसरों से जोड़कर भी देखा जा सकता है।

नई योजनाओं से उम्मीद

मंत्री ने टेक्सटाइल सेक्टर के लिए प्रस्तावित नई योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि उद्योग को मजबूती देने के लिए कई योजनाएं शुरू की जाएंगी। उनके अनुसार इन योजनाओं का लाभ उद्यमियों को आगामी 2 से 3 महीनों में मिलना शुरू होने की संभावना है। उन्होंने टेक्सटाइल सेक्टर के विकास के लिए सरकार की दीर्घकालिक योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यापक स्तर की योजना के क्रियान्वयन में समय लग रहा है। मंत्री ने विजन 2047 के प्रभाव 2030 से 31 तक दिखाई देने की बात कही। कॉन्क्लेव में शामिल उद्यमियों ने उम्मीद जताई कि नीतिगत सहयोग और नई योजनाओं से टेक्सटाइल एमएसएमई को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।

अस्वीकरण Disclaimer:

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief