PBM अस्पताल में स्वच्छता अभियान, श्रमदान से दिया जागरूकता का संदेश
स्वच्छता अभियान के तहत पीबीएम अस्पताल के मानसिक रोग एवं नशामुक्ति विभाग में श्रमदान हुआ। अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वच्छता का संदेश दिया।
श्रमदान में भाग लेने वाले चिकित्साकर्मी
बीकानेर, राजस्थान। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पीबीएम अस्पताल के मानसिक रोग एवं नशामुक्ति विभाग में गुरुवार को स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। विभागीय परिसर में साफ सफाई कर कर्मचारियों ने स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीगोपाल गोयल के निर्देशन में हुए अभियान में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार, पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी सी घीया, नर्सिंग ऑफिसर्स और विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों ने भाग लिया। सभी ने श्रमदान करते हुए परिसर की सफाई की।
स्वच्छता को आदत बनाएं
प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने कहा कि स्वच्छता को किसी एक अभियान तक सीमित रखने के बजाय दैनिक जीवन और कार्यस्थल की संस्कृति का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। अस्पताल जैसे संस्थानों में स्वच्छ वातावरण मरीजों, परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नियमित स्वच्छता से कार्यस्थल को व्यवस्थित रखने के साथ वहां आने वाले लोगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जा सकता है। पीबीएम अस्पताल में आयोजित स्वच्छता अभियान के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वयं सफाई कार्य में हिस्सा लेकर जिम्मेदारी का संदेश दिया। अभियान में कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही।
सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर
पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी सी घीया ने कहा कि अस्पताल परिसर की स्वच्छता सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक कार्मिक अपने कार्यस्थल और आसपास के क्षेत्र को साफ रखने का संकल्प ले तो मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीगोपाल गोयल ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा की भावना के अनुरूप विभाग के स्टाफ ने उत्साह के साथ भाग लिया। उन्होंने कहा कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ स्वच्छ वातावरण का भी संबंध है। इस तरह की गतिविधियों से कर्मचारियों के साथ आमजन में भी स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
स्वच्छ परिसर का महत्व
डॉ. हरफूल बिश्नोई ने कहा कि अस्पताल में स्वच्छता केवल साफ सफाई तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि मरीजों की बेहतर देखभाल और स्वस्थ वातावरण से जुड़ी है। स्वच्छ परिसर मरीजों और उनके परिजनों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करता है। उन्होंने प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी से अपने कार्यस्थल की स्वच्छता को जिम्मेदारी के रूप में लेने का आग्रह किया। स्वच्छता अभियान के दौरान नर्सिंग ऑफिसर्स सहित विभागीय कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की और साफ सफाई के कार्य में श्रमदान किया। विभागीय परिसर में आयोजित इस गतिविधि के माध्यम से स्वच्छता को नियमित व्यवहार का हिस्सा बनाने और अस्पताल में साफ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया।
अभियान में सहभागिता
स्वच्छता अभियान में मानसिक रोग एवं नशामुक्ति विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और नर्सिंग ऑफिसर्स ने मिलकर सफाई कार्य किया। अभियान का आयोजन भारत सरकार के स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के तहत किया गया। अधिकारियों ने कहा कि अस्पताल जैसे स्वास्थ्य संस्थानों में साफ और व्यवस्थित वातावरण बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। अभियान के दौरान कर्मचारियों ने श्रमदान कर परिसर की सफाई की और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीगोपाल गोयल ने कहा कि ऐसी गतिविधियों से कार्यस्थल पर स्वच्छता के प्रति निरंतर सजगता बनाए रखने में मदद मिलती है। इस दौरान विभागीय स्टाफ ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
अस्वीकरण:
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