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3 दिन के अभियान में 372 फर्जी अकाउंट बंद, महिलाओं को राहत की उम्मीद

गांधी जयंती के अवसर पर फर्जी अकाउंट के खिलाफ 3 दिन के राष्ट्रीय अभियान में 372 सोशल मीडिया अकाउंट बंद। महिलाओं को साइबर अपराध से बचाने पर जोर।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट दीपक कुमार - फाइल फोटो

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट दीपक कुमार - फाइल फोटो

नई दिल्ली/पटना (कुमुद रंजन सिंह)। गांधी जयंती के अवसर पर महिलाओं के नाम से बनाए गए फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ 3 दिवसीय राष्ट्रीय अभियान चलाए जाने का दावा किया गया है। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट दीपक कुमार के नेतृत्व में चले इस अभियान में विभिन्न राज्यों से 372 फर्जी अकाउंट बंद कराए जाने की जानकारी सामने आई है। अभियान से जुड़े विवरण के अनुसार बिहार के पटना से 64 और नालंदा से 36 अकाउंट शामिल हैं, जबकि अन्य अकाउंट अलग अलग राज्यों से बताए गए हैं। इन अकाउंट के जरिए महिलाओं और छात्राओं को निशाना बनाए जाने की शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई।

कार्रवाई का दायरा

अभियान से जुड़े लोगों के अनुसार महिलाओं और छात्राओं के नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो प्रसारित करने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कुछ मामलों में निजी तस्वीरों के दुरुपयोग के लिए परिचित लोगों पर भी आरोप लगाए गए हैं। इसी तरह के मामलों को रोकने के उद्देश्य से फर्जी अकाउंट के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई का अभियान चलाया गया। स्कूल और कॉलेज छात्राओं के साथ घरेलू महिलाओं को निशाना बनाने वाले अकाउंट की पहचान कर उन्हें बंद कराने का दावा किया गया है। हालांकि 372 अकाउंट बंद कराने के आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विश्वसनीय सार्वजनिक स्रोतों से नहीं हो सकी है।

साइबर सुरक्षा संदेश

अभियान से जुड़े विवरण में साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट दीपक कुमार की भूमिका प्रमुख बताई गई है। उनके अनुसार वे विभिन्न राज्यों की पुलिस और शैक्षणिक संस्थानों में साइबर अनुसंधान से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहयोग करते हैं। अब तक 4200 से अधिक फर्जी अकाउंट बंद कराने और पुलिस को कई मामलों में तकनीकी सहायता देने का दावा भी किया गया है। ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित पुलिस रिकॉर्ड या आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी आवश्यक है। फर्जी अकाउंट सामने आने पर पीड़ित को अकाउंट का लिंक और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखना चाहिए, ताकि शिकायत की जांच में संबंधित एजेंसियों को आवश्यक जानकारी मिल सके।

बचाव के तरीके

किसी महिला के नाम से फर्जी अकाउंट बनाया गया हो या निजी तस्वीरों और वीडियो का दुरुपयोग किया गया हो, तो शिकायत दर्ज करने में देरी नहीं करनी चाहिए। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर महिलाओं और बच्चों से संबंधित साइबर अपराध के लिए शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है। पोर्टल पर अन्य ऑनलाइन और सोशल मीडिया अपराध भी रिपोर्ट किए जा सकते हैं। फर्जी अकाउंट की प्रोफाइल लिंक, स्क्रीनशॉट और संबंधित संदेश जैसे डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। आधिकारिक पोर्टल पर संदिग्ध सोशल मीडिया यूआरएल की रिपोर्ट करने की सुविधा भी उपलब्ध है।

शिकायत और समाधान 

साइबर अपराध के मामलों में पीड़ित सीधे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की रिपोर्टिंग सुविधा का उपयोग करने के साथ पुलिस या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत कर सकते हैं। सरकारी पोर्टल के अनुसार साइबर अपराध की शिकायतों को संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक भेजा जाता है और सही तथा पूरी जानकारी उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। फर्जी अकाउंट से जुड़े मामले में शिकायतकर्ता को उपलब्ध डिजिटल सामग्री सुरक्षित रखनी चाहिए और उसे सार्वजनिक रूप से साझा करने से बचना चाहिए। इस तरह फर्जी अकाउंट के जरिए होने वाले दुरुपयोग की शिकायत को जांच के लिए जरूरी सामग्री के साथ संबंधित एजेंसी तक पहुंचाया जा सकता है।

अस्वीकरण:

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

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