डॉ. मेघना शर्मा का शोधपत्र बेस्ट ऑनलाइन पेपर घोषित हुआ
डॉ. मेघना शर्मा को अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में बेस्ट ऑनलाइन पेपर सम्मान मिला, जानिए शोधपत्र के विषय और अगस्त में हुए आयोजन की पूरी जानकारी।
प्रतीकात्मक फोटो
बीकानेर, राजस्थान। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मेघना शर्मा को उदयपुर की पैसिफिक यूनिवर्सिटी में आयोजित 2 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में सीनियर साइंटिस्ट श्रेणी में बेस्ट ऑनलाइन पेपर अवार्ड से सम्मानित किया गया है। संगोष्ठी 22 और 23 अगस्त 2026 को ऑनलाइन और ऑफलाइन ड्यूल मोड में आयोजित हुई थी। इसका विषय प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा, विज्ञान और ज्ञान के विविध आधुनिक आयाम था। डॉ. मेघना शर्मा के शोधपत्र का चयन संगोष्ठी के बाद हुई जूरी की कई बैठकों के आधार पर किया गया। पुरस्कार की घोषणा वर्तमान में की गई है।
अवार्ड की वजह
डॉ. मेघना शर्मा के शोधपत्र का विषय इंडियन नॉलेज ट्रेडिशन एंड विमेंस डिस्कोर्स, हिस्टोरिकल पर्सपेक्टिव्स एंड कंटेंपरेरी रेलवेंस था। उन्होंने इसे संगोष्ठी के ऑनलाइन सत्र में प्रस्तुत किया था। जूरी ने शोधपत्र और उसके प्रस्तुतीकरण का मूल्यांकन करने के बाद इसे सीनियर साइंटिस्ट श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ ऑनलाइन पेपर के रूप में चुना। सत्र संयोजक डॉ. अबरार अहमद के अनुसार, ऑनलाइन सत्र की संयुक्त अध्यक्षता ओस्लो, नॉर्वे के पुरातत्वविद प्रो. टोरे गुलब्रांडसेन और अफ्रीका के पत्रकार तथा राजनीतिक समीक्षक डॉ. रमादान बिरिमा ने की थी। यह सम्मान उनके शोध कार्य से जुड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है।
संगोष्ठी में देश और विदेश के विद्वानों ने ऑनलाइन और प्रत्यक्ष दोनों माध्यमों से भाग लिया। आयोजन का मुख्य विषय प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा, विज्ञान और ज्ञान के विविध आधुनिक आयाम था। कार्यक्रम का उद्देश्य प्राचीन भारतीय ग्रंथों और ज्ञान परंपराओं में मौजूद विचारों तथा ज्ञान के विभिन्न पक्षों को आधुनिक संदर्भ में देखने के लिए अकादमिक विमर्श उपलब्ध कराना था। आयोजकों के अनुसार, संगोष्ठी में दर्शन और आधुनिक विज्ञान के संबंध सहित भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। समापन समारोह में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
शोधपत्र का विषय
डॉ. मेघना शर्मा के शोधपत्र में भारतीय ज्ञान परंपरा और महिलाओं से जुड़े विमर्श को ऐतिहासिक तथा समकालीन दृष्टिकोण से जोड़ा गया है। विषय में महिलाओं की ज्ञान परंपरा में भागीदारी, ऐतिहासिक परिस्थितियों में उनकी भूमिका और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता जैसे पहलुओं पर विमर्श शामिल है। शोधपत्र का शीर्षक भी इसी व्यापक दृष्टिकोण को सामने रखता है। डॉ. मेघना शर्मा इतिहास के क्षेत्र से जुड़ी शोधकर्ता हैं और महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष हैं। उनकी अकादमिक रुचियों में आधुनिक भारतीय इतिहास, महिला अध्ययन और सामाजिक सुधार आंदोलनों से जुड़े विषय शामिल हैं।
यह संगोष्ठी पैसिफिक यूनिवर्सिटी, उदयपुर के इतिहास विभाग, सोशल साइंस एंड ह्यूमैनिटीज फैकल्टी, वैश्विक संस्कृत मंच और ग्लोबल हिस्ट्री फोरम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी। 22 और 23 अगस्त 2026 को हुए आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों के विद्वानों ने अपने शोध प्रस्तुत किए। संगोष्ठी संयोजक प्रो. अजातशत्रु सिंह शिवरती के अनुसार, समापन समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक वैज्ञानिक और ज्ञान संबंधी विमर्श से जोड़ने वाले विषयों पर विचार प्रस्तुत किए गए। बेस्ट पेपर अवार्ड का निर्णय आयोजन के बाद जूरी की कई बैठकों में लिया गया।
सम्मान की घोषणा
संगोष्ठी अगस्त 2026 में आयोजित हो चुकी थी, लेकिन बेस्ट ऑनलाइन पेपर अवार्ड का निर्णय तत्काल घोषित नहीं किया गया। जूरी की कई बैठकों के बाद अब अक्टूबर 2026 में परिणाम सामने आया। इसी प्रक्रिया के तहत डॉ. मेघना शर्मा के शोधपत्र को सीनियर साइंटिस्ट श्रेणी में बेस्ट ऑनलाइन पेपर अवार्ड के लिए चुना गया। उनका शोध भारतीय ज्ञान परंपरा और विमेंस डिस्कोर्स के ऐतिहासिक तथा समकालीन पहलुओं पर केंद्रित था। इस सम्मान के साथ संगोष्ठी में ऑनलाइन प्रस्तुत किए गए उनके शोधपत्र को औपचारिक अकादमिक मान्यता मिली। बेस्ट ऑनलाइन पेपर के रूप में चयन उनके शोध और प्रस्तुतीकरण से जुड़ा प्रमुख परिणाम रहा।
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