गीता ज्ञान परीक्षा में नोखा के 17 स्कूलों से पहुंचे 2700 विद्यार्थी
नोखा के 17 विद्यालयों में गीता ज्ञान परीक्षा में करीब 2700 विद्यार्थियों ने भाग लिया। आयोजन के साथ संस्कार और सेवा का संदेश भी दिया गया।
गीता ज्ञान परीक्षा का आयोजन
नोखा (बीकानेर), राजस्थान। गीता ज्ञान परीक्षा 2026 में नोखा क्षेत्र के 17 विद्यालयों के करीब 2700 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मानव प्रबोधन प्रन्यास, श्री लालेश्वर महादेव मंदिर, शिवमठ, शिवबाड़ी, बीकानेर की ओर से आयोजित इस परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान से जोड़ना और नई पीढ़ी में भारतीय संस्कारों के प्रति समझ विकसित करना रहा। गीता ज्ञान परीक्षा मठाधीश स्वामी विमर्शानन्द गिरी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुई। अलग अलग विद्यालयों में परीक्षा आयोजित होने से विद्यार्थियों को अपने ही शिक्षण संस्थानों में इसमें भाग लेने का अवसर मिला।
17 स्कूलों में आयोजन
नोखा प्रभारी पवन चांडक ने बताया कि प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी गीता ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और गीता के ज्ञान तथा जीवन मूल्यों को समझने की दिशा में कदम बढ़ाया। अलग अलग विद्यालयों में परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। परीक्षा के सफल आयोजन में बीकानेर से पहुंचे पर्यवेक्षक हरीश शर्मा और उनके साथियों ने सहयोग किया। नोखा क्षेत्र के संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षक शिक्षिकाओं ने भी आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में पूर्ण समर्पण के साथ अपनी भूमिका निभाई।
परीक्षा की तैयारियां पिछले एक सप्ताह से चल रही थीं। नोखा के समर्पित साधकगण और कार्यकर्ता परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं से लेकर विद्यार्थियों के मार्गदर्शन तक अलग अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। परीक्षा के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने के लिए कार्यकर्ताओं ने अपनी सेवाएं दीं। सामूहिक प्रयासों से गीता ज्ञान परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। आयोजन से जुड़े लोगों ने विद्यालयों के स्तर पर मिले सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया। परीक्षा में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी रही और इसके माध्यम से उन्हें गीता के ज्ञान तथा जीवन मूल्यों से परिचित कराने का प्रयास किया गया।
जन्मदिन पर सेवा
परीक्षा के बाद एक विशेष धार्मिक और सेवा गतिविधि भी आयोजित की गई। नोखा प्रभारी पवन चांडक की पुत्री खुशी चांडक का जन्मदिन इसी दिन होने के कारण परिवार ने इस अवसर को धार्मिक तथा सेवा कार्यों से जोड़कर मनाया। इस मौके पर गीता पाठ, गौसेवा और हनुमान चालीसा पाठ किया गया। साथ ही एक वृक्ष लगाने का संकल्प लिया गया। नोखा के वरिष्ठ पत्रकार इन्द्रचन्द मोदी और संयुक्त प्रभारी महावीर साध ने कहा कि युवाओं को जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों को सनातन संस्कृति, सेवा और धार्मिक अनुष्ठानों से जोड़कर मनाने की परंपरा आगे बढ़ानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले विचारों और मूल्यों का स्रोत है। उनके अनुसार, विद्यार्थियों को बचपन से ऐसे ज्ञान से जोड़ना व्यक्तित्व विकास में सहायक हो सकता है। परीक्षा के सफल आयोजन पर पवन चांडक ने सभी 17 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षक शिक्षिकाओं, बीकानेर से आए पदाधिकारियों, पर्यवेक्षक हरीश शर्मा और सभी कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने सामूहिक सहयोग, सेवा और समर्पण को आयोजन की सफलता का आधार बताया। गीता ज्ञान परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों से जोड़ने का यह प्रयास चर्चा में रहा।
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