एवरेस्ट जीरा पाउडर की पूरी बैच वापसी का आदेश, जानें क्या है वजह
एवरेस्ट जीरा पाउडर की एक बैच को FSSAI ने बाजार से तत्काल वापस लेने का आदेश दिया है। जांच में 2 कीटनाशक तय सीमा से अधिक मिले, जानें पूरी जानकारी।
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली, दिल्ली। एवरेस्ट जीरा पाउडर की एक बैच को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने तत्काल रिकॉल का आदेश दिया है। नियामक के अनुसार गोवा के रिवरसाइड रिसॉर्ट्स एंड हॉलिडे होम्स प्राइवेट लिमिटेड से प्री पैक्ड जीरा पाउडर का एक नियामकीय नमूना लिया गया था। खाद्य विश्लेषक की जांच में एजोक्सीस्ट्रोबिन और थायमेथोक्सम नामक कीटनाशक अवशेष निर्धारित अधिकतम सीमा से ऊपर पाए गए। इसके बाद नमूने को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत असुरक्षित घोषित किया गया। कंपनी को रिपोर्ट पर अपील का अवसर दिया गया, जिसके बाद नमूना रेफरल फूड लेबोरेटरी भेजा गया। [1]
दोबारा हुई जांच
एवरेस्ट जीरा पाउडर के नमूने की रेफरल फूड लेबोरेटरी में दोबारा जांच कराई गई। FSSAI के मुताबिक इस जांच में भी एजोक्सीस्ट्रोबिन और थायमेथोक्सम निर्धारित अधिकतम सीमा से अधिक पाए गए और नमूने को असुरक्षित घोषित किया गया। इसके बाद नियामक ने संबंधित पूरी बैच को बाजार से तत्काल वापस लेने का निर्देश दिया। संबंधित बैच की पहचान E080668761 के रूप में की गई है। FSSAI ने कंपनी को वापस लिए गए उत्पाद का पूरा रिकॉर्ड रखने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत रिकॉल की जानकारी तथा स्थिति रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। कंपनी से सुधारात्मक कदम उठाने को भी कहा गया है।
एवरेस्ट जीरा पाउडर मामले में FSSAI की कार्रवाई एक खास बैच से संबंधित है। उपलब्ध नियामकीय जानकारी के अनुसार जांच गोवा में लिए गए नमूने पर हुई और बाद की रेफरल प्रयोगशाला जांच ने शुरुआती निष्कर्ष की पुष्टि की। इसका मतलब यह नहीं है कि बाजार में उपलब्ध एवरेस्ट के हर जीरा पाउडर उत्पाद को असुरक्षित घोषित किया गया है। कार्रवाई में संबंधित बैच को बाजार से हटाने पर जोर है। FSSAI ने कंपनी से रिकॉल पूरा करने के बाद सुधारात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। खाद्य नियामक के अनुसार उसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना है।
बहरहाल, एवरेस्ट जीरा पाउडर की संबंधित बैच के मामले में नियामक का आदेश बाजार से उत्पाद वापस लेने पर केंद्रित है। FSSAI के अनुसार कंपनी को रिकॉल किए गए उत्पाद का पूरा हिसाब रखना होगा और रिकॉल की प्रगति से जुड़ी रिपोर्ट जमा करनी होगी। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए सुधारात्मक कदम उठाने होंगे। खाद्य रिकॉल व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे खाद्य उत्पादों को बाजार से हटाना है जो नियमों के अनुरूप नहीं हों या सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर सकते हों। इस मामले में प्रयोगशाला जांच के बाद संबंधित बैच पर कार्रवाई की गई है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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