IIT छात्र की मौत: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर FIR, जांच शुरू
IIT छात्र की मौत के बाद दिल्ली पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में FIR दर्ज की है। AIIMS में इलाज के दौरान 3 अक्टूबर को मौत हुई।
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली, दिल्ली। IIT छात्र की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। IIT दिल्ली के PhD छात्र मनीष आनंद 18 अगस्त को दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका गांव स्थित अपने किराए के कमरे में घायल और बेहोश मिले थे। पुलिस के अनुसार कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे पड़ोसियों ने तोड़ा। इसके बाद उन्हें AIIMS ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां 45 दिन से अधिक समय तक उनका इलाज चला। 3 अक्टूबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। FIR दर्ज होने के बाद अब मामले की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। [1]
FIR और जांच
IIT छात्र की मौत के बाद किशनगढ़ थाने में 4 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत FIR दर्ज की गई। पुलिस के मुताबिक मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और IIT दिल्ली के सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना IIT दिल्ली परिसर के भीतर नहीं हुई थी, बल्कि मुनिरका गांव स्थित छात्र के किराए के आवास में हुई थी। शुरुआती जांच के दौरान परिवार या गवाहों ने किसी व्यक्ति पर संदेह या आरोप नहीं लगाया था। पुलिस ने कहा कि घटना के समय छात्र कमरे में अकेले थे और मामले की जांच जारी है।
IIT छात्र की मौत की जांच में पुलिस ने किराए के मकान के बाहर लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी देखी है। पुलिस के अनुसार फुटेज में घटना के आसपास किसी संदिग्ध व्यक्ति के कमरे में आने या वहां से बाहर जाने का संकेत नहीं मिला। पुलिस ने यह भी कहा है कि छात्र को लगी चोटों की परिस्थितियों का अभी पता लगाया जा रहा है। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि छात्र ने आत्महत्या का प्रयास किया था। हालांकि FIR दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को दोषी ठहरा दिया गया है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और घटनाक्रम की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
पिछले मामलों का संदर्भ
IIT छात्र की मौत ऐसे समय सामने आई है जब IIT दिल्ली में इस साल छात्रों की मौत के मामलों को लेकर पहले से चिंता बनी हुई है। अगस्त में MSc Physics के छात्र ऋषिकेश कुमार की परिसर में मौत के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। उससे पहले मार्च में एक BTech छात्र की भी परिसर में मौत हुई थी। ऋषिकेश कुमार के मामले में छात्रों ने प्रशासन की ओर से मानसिक स्वास्थ्य और छात्र सहायता से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए थे। IIT दिल्ली ने इसके बाद मानसिक स्वास्थ्य सहायता और संस्थान की ओर से उपलब्ध परामर्श सेवाओं को लेकर जानकारी साझा की थी। मौजूदा मामला हालांकि परिसर के बाहर स्थित किराए के आवास से जुड़ा है।
IIT छात्र की मौत के मौजूदा मामले में पुलिस की जांच मुख्य रूप से मुनिरका स्थित किराए के आवास में हुई घटना की परिस्थितियों पर केंद्रित है। पुलिस ने दोहराया है कि घटना परिसर में नहीं हुई और शुरुआती पड़ताल में परिवार या गवाहों की ओर से किसी व्यक्ति पर आरोप नहीं लगाया गया। मनीष आनंद 18 अगस्त से AIIMS ट्रॉमा सेंटर में उपचाराधीन थे और 3 अक्टूबर को उनकी मृत्यु हुई। FIR दर्ज होने के बाद अब पुलिस उपलब्ध CCTV फुटेज, शिकायत और अन्य साक्ष्यों की जांच करेगी। फिलहाल किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप तय होने की जानकारी सामने नहीं आई है और जांच जारी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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