WA Join our WhatsApp Group
Advertisement Advertisement
View in Newspaper Form

IndiGo ईंधन शुल्क बढ़ाएगी, 6 अक्टूबर से हवाई यात्राएं होंगी महंगी

IndiGo ईंधन शुल्क 6 अक्टूबर से बढ़ाएगी। घरेलू उड़ानों पर दूरी के अनुसार 375 से 1300 रुपये तक शुल्क होगा, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी बढ़ोतरी होगी।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली, दिल्ली। IndiGo ईंधन शुल्क में 6 अक्टूबर से बढ़ोतरी करने जा रही है। विमानन कंपनी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ईंधन शुल्क को फिर से तय करने की घोषणा की है। यह बदलाव 6 अक्टूबर 2026 को रात 12 बजे के बाद की गई नई बुकिंग पर लागू होगा। कंपनी के अनुसार विमान ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है और हालिया महीने में इसकी कीमत 14 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है। इससे विमान संचालन की लागत पर दबाव बढ़ा है। कंपनी ने कहा है कि बढ़ी ईंधन लागत को देखते हुए यात्रियों से सीमित अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा।  [1]

नई शुल्क दरें

IndiGo ईंधन शुल्क की घरेलू दरें उड़ान की दूरी के आधार पर तय की गई हैं। 500 किलोमीटर तक की उड़ान के लिए 375 रुपये, 501 से 1000 किलोमीटर तक 600 रुपये, 1001 से 1500 किलोमीटर तक 900 रुपये, 1501 से 2000 किलोमीटर तक 1150 रुपये और 2000 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए 1300 रुपये शुल्क लिया जाएगा। नई दरें 6 अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे के बाद की गई नई बुकिंग पर लागू होंगी। कंपनी का कहना है कि विमान ईंधन की बढ़ती लागत का असर सीमित रखने के लिए शुल्क में नियंत्रित बढ़ोतरी की गई है।

IndiGo ईंधन शुल्क में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी बदलाव किया गया है। दक्षिण एशियाई क्षेत्र में 500 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 1000 रुपये और इससे अधिक दूरी के लिए 3000 रुपये शुल्क तय किया गया है। दक्षिण पूर्व एशिया, खाड़ी देशों और मध्य पूर्व तथा उत्तर और पूर्व एशिया के लिए यह शुल्क 5500 रुपये होगा। अफ्रीका जाने वाली उड़ानों के लिए 6000 रुपये शुल्क रखा गया है। यूरोप जाने वाली उड़ानों का शुल्क 10000 रुपये पर पहले की तरह रहेगा। ये नई दरें भी 6 अक्टूबर से की जाने वाली नई बुकिंग पर लागू होंगी।

ईंधन लागत का दबाव

IndiGo ईंधन शुल्क बढ़ाने के पीछे विमान ईंधन की बढ़ती कीमत को प्रमुख कारण बताया गया है। कंपनी के अनुसार हालिया अवधि में ईंधन की कीमत में महीने दर महीने 14 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। विमान ईंधन की लागत पिछले दशक के सबसे ऊंचे स्तरों में पहुंच गई है। कंपनी ने कहा है कि हाल के महीनों में ईंधन कीमतों में काफी उतार चढ़ाव रहा है। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का भी कीमतों पर असर पड़ा है। विमान संचालन में ईंधन एक बड़ी लागत है, इसलिए इसकी कीमत बढ़ने पर विमान कंपनियों के खर्च और यात्रियों के किराये पर दबाव बढ़ता है।

IndiGo ईंधन शुल्क में यह बदलाव नई बुकिंग करने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त खर्च बढ़ा सकता है। कंपनी के अनुसार ईंधन लागत में हुई पूरी बढ़ोतरी को यात्रियों से वसूलने पर शुल्क इससे कहीं अधिक बढ़ाना पड़ता, लेकिन यात्रियों पर बोझ सीमित रखने के लिए कम वृद्धि की गई है। नई व्यवस्था में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानें शामिल हैं। 6 अक्टूबर 2026 से नई बुकिंग पर संशोधित शुल्क लागू होगा। यूरोप जाने वाली उड़ानों का शुल्क अपरिवर्तित रखा गया है। कंपनी ने यह बदलाव विमान ईंधन की बढ़ती लागत और संचालन खर्च में आए दबाव को देखते हुए किया है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

Rex TV Verification Metrics
Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief