कॉलेज बिल्डिंग का हिस्सा गिरा, PAC जवान दबा, अस्पताल में इलाज जारी
कॉलेज बिल्डिंग का हिस्सा गिरने से पीएसी जवान मलबे में दब गया। रेस्क्यू के बाद घायल जवान को अस्पताल से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया, इलाज जारी है।
कॉलेज बिल्डिंग का हिस्सा गिरा
रुड़की, उत्तराखंड। अमृत लॉ कॉलेज में सोमवार को कॉलेज बिल्डिंग का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के दौरान परिसर में ठहरी पीएसी की एक प्लाटून के जवान आदिल मलबे की चपेट में आकर दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल सक्रिय हुए और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। मौके पर पुलिसकर्मियों, पीएसी जवानों और स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू शुरू किया। बाद में एसडीआरएफ की टीम भी पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आदिल को मलबे से बाहर निकाला गया। गंभीर हालत में उन्हें भूमानंद अस्पताल ले जाया गया और बाद में एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया। [1]
मलबे में दबे
कॉलेज बिल्डिंग के बाथरूम की ओर बना हिस्सा गिरने के बाद जवान को निकालने के लिए शुरुआत में पुलिसकर्मियों, पीएसी जवानों और स्थानीय लोगों ने सावधानी से मलबा हटाया। जब हाथों से मलबा हटाने में अधिक समय लगने लगा तो जेसीबी मशीन बुलाई गई। मलबे के नीचे जवान के दबे होने के कारण मशीन का इस्तेमाल सतर्कता से किया गया। रेस्क्यू अभियान के दौरान एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस, एसडीआरएफ, पीएसी जवानों और स्थानीय लोगों ने मिलकर बचाव कार्य चलाया और काफी मशक्कत के बाद आदिल को मलबे से बाहर निकाल लिया।
मलबे से निकाले जाने के बाद घायल जवान आदिल को तत्काल भूमानंद अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर किया और बाद में जवान को एम्स ऋषिकेश भेजा गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उसका इलाज एम्स ऋषिकेश में कराया जा रहा है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद रहीं और गिरे हुए हिस्से का निरीक्षण किया। कॉलेज परिसर में मौजूद अन्य पीएसी जवानों के बीच भी घटना को लेकर हलचल रही। हादसे में किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है।
तेज हुआ बचाव
कॉलेज बिल्डिंग का यह हिस्सा उस समय गिरा जब पीएसी प्लाटून के ज्यादातर जवान ड्यूटी पर गए हुए थे। पिरान कलियर में मेला चल रहा है और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पीएसी की प्लाटून को अमृत लॉ कॉलेज परिसर में ठहराया गया था। इसी दौरान आदिल दूसरी मंजिल पर बने बाथरूम की ओर गए थे, तभी लेंटर गिर गया और उसके साथ दीवारें भी नीचे आ गईं। अभी इमारत का हिस्सा गिरने की अंतिम वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस और प्रशासन घटना की जानकारी जुटा रहे हैं। जिस हिस्से में हादसा हुआ, उसकी स्थिति का भी निरीक्षण किया जा रहा है।
कॉलेज बिल्डिंग का गिरा हिस्सा काफी पुराना बताया जा रहा है और उपलब्ध जानकारी में इसके निर्माण का समय 1980 के दशक का बताया गया है। हालांकि अधिकारियों की ओर से भवन गिरने की कोई अंतिम वजह सामने नहीं आई है। यह स्पष्ट होने के लिए जांच जरूरी है कि घटना निर्माण संबंधी कमजोरी, पुरानी संरचना या किसी अन्य कारण से हुई। रेस्क्यू के बाद घायल जवान को उपचार मिल रहा है और प्रशासनिक टीमें घटनास्थल की स्थिति देख रही हैं। फिलहाल अहम जानकारी यही है कि आदिल को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया और उनकी गंभीर हालत के चलते एम्स ऋषिकेश में इलाज जारी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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