मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता, योग से रैली तक अनेक कार्यक्रम
बीकानेर में मानसिक स्वास्थ्य माह के तहत योग, परीक्षा तनाव कार्यशाला और ई रिक्शा रैली हुई। आमजन, विद्यार्थियों और मरीजों को जागरूक किया गया।
जारुकता कार्यक्रम
बीकानेर, राजस्थान। मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग, पीबीएम अस्पताल तथा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम इकाई, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मानसिक स्वास्थ्य माह एवं विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के तहत 5 अक्टूबर को दूसरे दिन विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम हुए। योग, ध्यान एवं प्राणायाम, परीक्षा तनाव प्रबंधन कार्यशाला तथा ई रिक्शा जागरूकता रैली के जरिए आमजन, मरीजों, परिजनों और विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति के प्रति जागरूक किया गया। आयोजनों का उद्देश्य तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजगता और नशे से दूर रहने का संदेश देना रहा।
योग और ध्यान
मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग परिसर में सुबह 8 से 9 बजे तक उपचार के लिए पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें योग, ध्यान और प्राणायाम के माध्यम से तनाव कम करने तथा मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के उपाय बताए गए। विभागाध्यक्ष डॉ. श्री गोपाल गोयल ने मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग, ध्यान और प्राणायाम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने नियमित योग, पर्याप्त नींद, संतुलित दिनचर्या और सकारात्मक जीवनशैली को मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी बताया। यह गतिविधि आगामी 15 दिनों तक नियमित रूप से जारी रहेगी।
नशामुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के दौरान मरीजों और उनके परिजनों को नशे से दूर रहने तथा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक रहने की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में एटीएफ की काउंसलर नीलिमा सोलंकी और सोनू जयपाल उपस्थित रहे। यह गतिविधि आर्ट ऑफ लिविंग के ऑनलाइन कार्यक्रम के तहत आयोजित की गई। इसी क्रम में राजकीय नर्सिंग कॉलेज, बीकानेर में विद्यार्थियों के लिए एग्जाम स्ट्रेस मैनेजमेंट विषय पर जागरूकता कार्यशाला हुई। कार्यक्रम में मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग के प्रोफेसर डॉ. हरफूल सिंह का मार्गदर्शन रहा। विद्यार्थियों ने परीक्षा संबंधी दबाव को समझने और समय पर सहायता लेने की आवश्यकता भी जानी।
परीक्षा तनाव
डॉ. अनामिका ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित आई सपोर्ट सहित मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े विभिन्न मॉड्यूल की प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान होने वाले तनाव, चिंता और मानसिक दबाव को पहचानने तथा उससे प्रभावी ढंग से निपटने के उपाय बताए गए। कार्यशाला में समय प्रबंधन, पर्याप्त नींद, विश्राम तकनीक, सकारात्मक सोच तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर मानसिक स्वास्थ्य सहायता लेने के महत्व पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की शपथ भी दिलाई गई। इस दौरान विद्यार्थियों को परीक्षा अवधि में संतुलित दिनचर्या अपनाने की जानकारी दी गई।
जागरूकता रैली
मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से ई रिक्शा जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली को डिप्टी सीएमएचओ डॉ. लोकेश गुप्ता, एपिडेमियोलॉजिस्ट नीलम प्रताप सिंह तथा सीएमएचओ कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के माध्यम से शहरवासियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, मानसिक बीमारियों को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों और सामाजिक कलंक को दूर करने तथा नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। ई रिक्शा पर प्रदर्शित संदेशों से आमजन को उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी दी गई। आगामी दिनों में भी जागरूकता गतिविधियां जारी रहेंगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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