पर्यावरण शुद्धि दिवस पर डॉ नितिन गोयल ने बताए प्रकृति बचाने के उपाय
गंगाशहर में पर्यावरण शुद्धि दिवस पर विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया। सिंगल उपयोग प्लास्टिक घटाने और वृक्षारोपण का संकल्प दिलाया गया।
मुख्य वक्ता डॉ नितिन गोयल का अभिनन्दन
गंगाशहर, राजस्थान। अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के निर्देशानुसार अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के पंचम दिवस को पर्यावरण शुद्धि दिवस के रूप में मनाया गया। अणुव्रत समिति गंगाशहर की ओर से यह कार्यक्रम बाफना अकेडमी, नोखा रोड, गंगाशहर के प्रांगण में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ अणुव्रत समिति गंगाशहर के अध्यक्ष करणी दान जी रांका और सह मंत्री मनोज छाजेड़ ने मंगलाचरण से किया। इस अवसर पर समिति के कार्यकर्ताओं के साथ बाफना अकेडमी के शिक्षक और विद्यार्थी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और दैनिक जीवन में सकारात्मक आचरण का संदेश दिया गया।
पर्यावरण शुद्धि का संदेश
पर्यावरण शुद्धि दिवस पर मुख्य वक्ता डॉ नितिन गोयल ने अणुव्रत को आचरण की पद्धति बताया। उन्होंने कहा कि अणुव्रत केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसकी झलक व्यक्ति की दिन प्रतिदिन की गतिविधियों में दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में मानव जाति ने पर्यावरण का जितना दोहन और नुकसान किया है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि जैन आगम, हिंदू संस्कृति के वेद और अन्य धर्मों में भी प्रकृति को विशेष महत्व दिया गया है। उनके अनुसार प्रकृति के संरक्षण को जीवन व्यवहार का हिस्सा बनाना जरूरी है।
डॉ नितिन गोयल ने विद्यार्थियों को पर्यावरण शुद्धि के विभिन्न उपाय अपनाने की सलाह दी। उन्होंने सिंगल उपयोग प्लास्टिक का कम से कम इस्तेमाल करने और जन्म दिवस या विशेष अवसर पर वृक्षारोपण करने का संकल्प करवाया। उन्होंने प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी को व्यक्तिगत व्यवहार से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी समाजों और विशेषकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अणुव्रत समिति गंगाशहर सदैव अग्रसर है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने स्तर पर प्रयास करने और दैनिक जीवन में उपयोगी आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यकर्ताओं की मौजूदगी
अणुव्रत समिति गंगाशहर के कोषाध्यक्ष विजय बोथरा ने बताया कि समिति की ओर से मुख्य वक्ता डॉ नितिन गोयल और बाफना अकेडमी के वाइस प्रिंसिपल का पताका पहनाकर तथा साहित्य भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में अणुव्रत समिति गंगाशहर के अध्यक्ष करणीदान रांका, उपाध्यक्ष मनीष बाफना, मंत्री एडवोकेट कन्हैयालाल बोथरा, कोषाध्यक्ष विजय बोथरा, सह मंत्री मनोज छाजेड़ सहित समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में राजेन्द्र जी नाहटा, हेमराज गुलगुलिया, राजेंद्र जी बोथरा, ताराचंद जी गुलगुलिया, पुखराज दुगड़, बछराज गुलगुलिया, दिलीप सिरोहिया और डालचंद बुच्चा भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का कुशल संचालन अणुव्रत समिति गंगाशहर के उपाध्यक्ष मनीष बाफना ने किया। आभार ज्ञापन मंत्री एडवोकेट कन्हैयालाल बोथरा ने किया। पर्यावरण शुद्धि दिवस के आयोजन में समिति के कार्यकर्ताओं, बाफना अकेडमी के शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े व्यवहारिक उपायों पर चर्चा के साथ विद्यार्थियों को सिंगल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग कम करने और विशेष अवसरों पर वृक्षारोपण करने का संकल्प दिलाया गया। आयोजन के माध्यम से अणुव्रत के आचरण पक्ष को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया और विद्यार्थियों को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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