भारत की Cervavac को WHO की मंजूरी, HPV वैक्सीन के लिए बड़ी उपलब्धि
HPV वैक्सीन Cervavac को WHO की प्रीक्वालिफिकेशन मिली है। जानिए भारत की इस वैक्सीन की वैश्विक पहुंच और HPV रोकथाम के लिए इसका बढ़ता महत्व क्या है।
प्रतीकात्मक फोटो
पुणे, महाराष्ट्र। भारत की HPV वैक्सीन Cervavac को विश्व स्वास्थ्य संगठन से प्रीक्वालिफिकेशन मिल गया है। Serum Institute of India की इस वैक्सीन को WHO की प्रीक्वालिफाइड सूची में शामिल किया गया है। यह भारत में विकसित पहली स्वदेशी gender neutral quadrivalent HPV वैक्सीन है। WHO की प्रीक्वालिफिकेशन के बाद संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां इसकी खरीद कर सकेंगी। Cervavac HPV के 6, 11, 16 और 18 प्रकारों से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए इस्तेमाल होती है। भारत में इसके उपयोग को पहले ही Drugs Controller General of India की मंजूरी मिल चुकी है। [1]
WHO की मंजूरी
WHO की प्रीक्वालिफिकेशन प्रक्रिया में वैक्सीन की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता से जुड़े मानकों का मूल्यांकन किया जाता है। WHO के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार Cervavac की प्रीक्वालिफिकेशन स्थिति 25 सितंबर 2026 से प्रभावी है। इसका निर्माता Serum Institute of India Pvt. Ltd. है और राष्ट्रीय नियामक Central Drugs Standard Control Organization है। यह क्वाड्रिवेलेंट वैक्सीन है और मांसपेशियों में दी जाती है। WHO के रिकॉर्ड में इसके लिए 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भंडारण की जरूरत बताई गई है। यह प्रीक्वालिफिकेशन वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में वैक्सीन की संभावित पहुंच बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम है।
इस HPV वैक्सीन की WHO प्रीक्वालिफिकेशन का सीधा महत्व इसकी अंतरराष्ट्रीय खरीद की पात्रता से जुड़ा है। WHO की प्रीक्वालिफिकेशन सेवा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए खरीदी जाने वाली वैक्सीन निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को पूरा करे। Cervavac के मामले में WHO के रिकॉर्ड में Serum Institute of India को निर्माता और भारत के Central Drugs Standard Control Organization को जिम्मेदार राष्ट्रीय नियामक बताया गया है। इसका मतलब यह है कि Cervavac अब संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों की खरीद प्रक्रिया के लिए योग्य वैक्सीनों की सूची में शामिल हो गई है।
वैक्सीन का असर
Cervavac HPV के 6, 11, 16 और 18 प्रकारों से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम के लिए संकेतित है। 9 से 26 वर्ष की लड़कियों और महिलाओं में यह HPV 16 और 18 से जुड़े सर्वाइकल, वल्वर, वैजाइनल और एनल कैंसर की रोकथाम में इस्तेमाल होती है। इसी आयु वर्ग के लड़कों और पुरुषों में यह HPV 16 और 18 से जुड़े एनल कैंसर तथा HPV 6 और 11 से होने वाले जेनिटल वार्ट्स की रोकथाम के लिए संकेतित है। 9 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए 2 खुराक और 15 से 26 वर्ष के लिए 3 खुराक का कार्यक्रम बताया गया है।
इस प्रीक्वालिफिकेशन के बाद HPV वैक्सीन Cervavac की संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के जरिए खरीद की पात्रता बनी है। Serum Institute के अनुसार यह कंपनी के उत्पादों और जैविक उत्पादों के लिए 32वीं WHO प्रीक्वालिफिकेशन है। कंपनी के CEO अदार पूनावाला ने इसे HPV से जुड़ी बीमारियों के खिलाफ वैश्विक प्रयास मजबूत करने वाला कदम बताया है। WHO की प्रीक्वालिफिकेशन का अर्थ यह है कि वैक्सीन निर्धारित अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के मूल्यांकन से गुजर चुकी है। Cervavac की यह उपलब्धि भारत में विकसित वैक्सीन की वैश्विक पहुंच बढ़ाने और HPV से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम के प्रयासों को आगे बढ़ाने की संभावना रखती है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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