माहेश्वरी भवन में योगाभ्यास, उन्नत आसनों के साथ सुरक्षा पर जोर
योगाभ्यास में कर्णापीडासन और चक्रासन सहित अनेक उन्नत आसनों का प्रदर्शन किया गया। योगाचार्य उमा शंकर ने सही अभ्यास और सुरक्षा का महत्व बताया।
योगाभ्यास
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। रामधाम के पीछे स्थित माहेश्वरी भवन में चल रहे नियमित योग सत्र में योगाचार्य उमा शंकर ने कर्णापीडासन, चक्रासन सहित विभिन्न उन्नत योगासनों का प्रदर्शन किया। योगाभ्यास के दौरान शरीर के संतुलन, रीढ़ की मजबूती और मन की स्थिरता के बीच समन्वय पर जोर दिया गया। योगाचार्य ने कठिन आसनों के दौरान शरीर के संतुलन और लचीलेपन का प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों को योग के महत्व से अवगत कराया। सत्र में बताया गया कि नियमित और सही तरीके से किए गए योगाभ्यास से शरीर की मांसपेशियों में लचीलापन एवं मजबूती बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
शरीर और मन का संतुलन
सत्र में पीठ और रीढ़ से जुड़े आसनों के माध्यम से शरीर की गतिशीलता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। योगाभ्यास के दौरान पाचन तंत्र और मानसिक तनाव से जुड़े लाभों की जानकारी भी दी गई। योगाचार्य उमा शंकर ने विभिन्न उन्नत आसनों का प्रदर्शन करते हुए शरीर के संतुलन और लचीलेपन को दिखाया। नियमित और सही तरीके से योगाभ्यास करने के महत्व के बारे में उपस्थित लोगों को जानकारी दी गई। साथ ही शरीर की मांसपेशियों में लचीलापन एवं मजबूती बढ़ाने और पीठ तथा रीढ़ से जुड़े आसनों के माध्यम से शरीर की गतिशीलता बनाए रखने की जानकारी साझा की गई।
सुरक्षित अभ्यास पर जोर
योगाभ्यास के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि उन्नत और जटिल आसनों का अभ्यास बिना प्रशिक्षण के नहीं करना चाहिए। ऐसे आसन योग्य योग प्रशिक्षक की देखरेख में ही किए जाने चाहिए, ताकि शरीर पर अनावश्यक दबाव न पड़े और अभ्यास सुरक्षित तरीके से किया जा सके। माहेश्वरी भवन में आयोजित नियमित सत्र में कर्णापीडासन, चक्रासन सहित विभिन्न उन्नत योगासनों का प्रदर्शन हुआ। योगाभ्यास के दौरान शरीर के संतुलन, लचीलेपन और गतिशीलता से जुड़े पहलुओं के साथ पाचन तंत्र और मानसिक तनाव से संबंधित लाभों की जानकारी भी दी गई।
अस्वीकरण (Disclaimer) :
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