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अनुशासन दिवस पर वक्ताओं ने बताया सफलता के लिए जरूरी है अनुशासन

अणुव्रत समिति ने अनुशासन दिवस मनाया। विद्यार्थियों को अनुशासन और संस्कार के महत्व की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने सफलता में अनुशासन को जरूरी बताया।

By अजय त्यागी
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advertisement13Aug2026%20copy.jpg अनुशासन दिवस पर वक्ता का सम्मान

अनुशासन दिवस पर वक्ता का सम्मान

गंगाशहर (बीकानेर), राजस्थान। अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी निर्देशित अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह का षष्ठम दिवस अनुशासन दिवस के रूप में अणुव्रत समिति गंगाशहर की ओर से आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, घड़सीसर रोड गंगाशहर के प्रांगण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अणुव्रत समिति गंगाशहर के सहमंत्री मनोज छाजेड़ ने मंगलाचरण के साथ किया। आयोजन में अणुव्रत समिति गंगाशहर के कार्यकर्ताओं के साथ विद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। अनुशासन दिवस के आयोजन में विद्यार्थियों के बीच अनुशासन और संस्कार के महत्व को सामने रखा गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने जीवन में अनुशासन की भूमिका पर विचार रखे।

सफलता में अनुशासन

अणुव्रत समिति अध्यक्ष करणी दान रांका ने बताया कि मुख्य वक्ता डॉ चक्रवर्ती नारायण श्रीमाली ने अपने वक्तव्य में अनुशासन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति स्वयं अनुशासित होगा, तभी समाज और राष्ट्र सुदृढ़ होगा। उन्होंने कहा कि जो अपने कल को बेहतर करना चाहते हैं, वे अनुशासन से योजना बनाते हैं। जीवन में सफल होने के लिए अनुशासित होकर कार्य करना जरूरी है। उन्होंने अनुशासन और संस्कार को साथ लेकर चलने की बात कही और कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। अनुशासन दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों को इन्हीं विचारों के माध्यम से जीवन में अनुशासन के महत्व की जानकारी दी गई।

शिक्षक की भूमिका

अणुव्रत समिति के मनोज सेठिया ने बताया कि विद्यालय के प्रधानाचार्य नवल किशोर सैनी ने अणुव्रत समिति गंगाशहर के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्र छात्राओं को नई दिशा और नया मोटिवेशन मिलता है। उन्होंने शिक्षक की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षक बच्चों में अनुशासन का दीप जलाकर अज्ञान रूपी अंधकार को नष्ट करता है। प्रधानाचार्य नवल किशोर सैनी ने मानव को मानव से जोड़ने का आह्वान किया। अनुशासन दिवस के आयोजन में विद्यार्थियों को अनुशासन, संस्कार और जीवन में सकारात्मक दिशा के महत्व से जुड़े विचार सुनाए गए। आयोजन में समिति के पदाधिकारियों और विद्यालय परिवार की सहभागिता रही।

सम्मान और सहभागिता

अणुव्रत समिति के हेमराज गुलगुलिया ने बताया कि अणुव्रत समिति गंगाशहर की ओर से मुख्य वक्ता डॉ चक्रवर्ती नारायण श्रीमाली और विद्यालय प्रधानाचार्य नवल किशोर सैनी का पताका पहनाकर तथा साहित्य भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में अणुव्रत समिति गंगाशहर के अध्यक्ष करणीदान रांका, उपाध्यक्ष मनोज सेठिया, सहमंत्री मनोज छाजेड़, राजेन्द्र टॉक, हेमराज गुलगुलिया, ताराचंद गुलगुलिया, बछराज गुलगुलिया, दिलीप सिरोहिया, डालचंद बुच्चा, आशीष गर्ग, देवेंद्र बोथरा, नवरतन रांका जैन सहित समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन उपाध्यक्ष मनोज सेठिया ने किया। आभार ज्ञापन अध्यक्ष करणी दान रांका ने किया।

अस्वीकरण (Disclaimer) :

यह रिपोर्ट प्रेस विज्ञप्ति से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief