शारदीय नवरात्र की तैयारियां तेज, मंदिरों में साज सज्जा शुरू
बीकानेर में शारदीय नवरात्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं। देवी मंदिरों में साफ सफाई और सजावट हो रही है, साथ ही गरबा डांडिया को लेकर भी उत्साह है।
विजय भवन स्थित माँ करणी मंदिर
बीकानेर, राजस्थान। बीकानेर शहर में मंगलवार से शक्ति की उपासना के महापर्व शारदीय नवरात्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहर के देवी मंदिरों में विशेष साफ सफाई, रंग रोगन और सजावट का काम प्रारंभ हो गया है। शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से प्रारंभ होंगे। इसके साथ नौ दिनों तक व्रत, उपवास, पूजन और अनुष्ठान का दौर चलेगा। घर घर और देवी मंदिरों में घट स्थापना के साथ नवरात्र पूजन शुरू होगा। पर्व को लेकर मंदिरों में तैयारियां तेज हैं और शहर में धार्मिक गतिविधियों का वातावरण बनने लगा है।
देवी आराधना पर्व
शारदीय नवरात्र शक्ति की उपासना का प्रमुख पर्व माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु व्रत उपवास रखते हैं और देवी आराधना के साथ विभिन्न पूजन अनुष्ठान करते हैं। घरों और देवी मंदिरों में घट स्थापना के बाद नौ दिनों तक धार्मिक गतिविधियां चलती हैं। बीकानेर में भी मंदिरों की साफ सफाई, रंग रोगन और सजावट का कार्य इसी तैयारी का हिस्सा है। नवरात्र के दौरान देवी पूजा के साथ श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक उत्साह दिखाई देता है। शहर में पर्व के आगमन को लेकर मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
गरबा डांडिया
शारदीय नवरात्र के दौरान बीकानेर शहर में जगह जगह गरबा और डांडिया नृत्य की धूम रहने वाली है। बालिकाएं, युवतियां और महिलाएं पारंपरिक वस्त्र और आभूषणों से श्रृंगारित होकर दुर्गा पूजा महोत्सव के पंडालों में देवी मूर्तियों के आगे गरबा और डांडिया नृत्य करेंगी। वेटरनरी कॉलेज स्थित विजय भवन करणी माता मंदिर के पुजारी राजू महाराज छंगाणी ने यह जानकारी दी। नवरात्र के अवसर पर धार्मिक आयोजन के साथ पारंपरिक सांस्कृतिक गतिविधियों का माहौल भी बनेगा। गरबा और डांडिया को लेकर शहर में उत्साह का वातावरण रहने की उम्मीद है।
मां करणी की आस्था
वेटरनरी कॉलेज स्थित विजय भवन करणी माता मंदिर के पुजारी राजू महाराज छंगाणी ने बताया कि यह राजस्थान का पहला करणी माता मंदिर है, जिसमें श्रीयंत्र स्थित है। उनके अनुसार श्रीयंत्र का निर्माण बीकानेर के तत्कालीन नरेश महाराजा गंगा सिंह ने करवाया था और इसकी पूजा अर्चना महाराजा गंगा सिंह द्वारा की जाती थी। नवरात्र में देवी आराधना के साथ करणी माता के प्रति श्रद्धा का विशेष भाव भी जुड़ा है। मंदिर में धार्मिक आस्था से जुड़े आयोजन होते हैं और शारदीय नवरात्र के अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच मां करणी की उपासना का महत्व बना रहता है।
अस्वीकरण (Disclaimer) :
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