नए श्रम कानूनों की पेचीदगियां दूर करने की मांग, सौंपा ज्ञापन
भीलवाड़ा में नए श्रम कानूनों की पेचीदगियां दूर करने और श्रमिकों को सरल भाषा में प्रावधानों की जानकारी देने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया।
प्रतीकात्मक फोटो
भीलवाड़ा, राजस्थान (पंकज पोरवाल)। नए श्रम कानूनों को लेकर श्रमिकों के बीच बनी असमंजस की स्थिति दूर करने और कानूनों के प्रावधानों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की मांग उठी है। जिला इंटक अध्यक्ष दीपक व्यास के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उपश्रम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने नए श्रम कानूनों में व्याप्त पेचीदगियों और भ्रांतियों को श्रमिक यूनियनों के सहयोग से दूर करने की मांग रखी। ज्ञापन में कहा गया कि कानूनों के प्रभावी और सुचारू क्रियान्वयन के लिए श्रमिकों को उनके प्रावधानों की जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि असमंजस की स्थिति कम हो सके।
मिले स्पष्ट जानकारी
नए श्रम कानूनों को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने व्यापक प्रचार प्रसार की व्यवस्था करने की मांग भी रखी। ज्ञापन के अनुसार श्रमिकों को कानूनों के प्रावधान समझाने के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि श्रमिक वर्ग अपने अधिकारों और कानून में किए गए प्रावधानों को समझकर उनका लाभ उठा सके। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि नए श्रम कानूनों की पेचीदगियों को दूर करने में श्रमिक यूनियनों का सहयोग लिया जाना चाहिए। साथ ही कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए श्रमिकों तक स्पष्ट और सरल जानकारी पहुंचाना जरूरी है। ज्ञापन के जरिए प्रशासन से इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई।
ये रहे मौजूद
नए श्रम कानूनों को लेकर ज्ञापन सौंपने के दौरान महिला इंटक अध्यक्ष ममता शर्मा, मदन सिंह टांक तथा कृषि उपज मंडी सलाहकार समिति सदस्य जहीरूद्दीन मेवाफरोश मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने श्रमिकों के बीच कानूनों को लेकर बनी असमंजस की स्थिति दूर करने के लिए श्रमिक संगठनों के सहयोग से जागरूकता और जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की। ज्ञापन में व्यापक प्रचार प्रसार के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि श्रमिकों को कानूनों के प्रावधान सरल भाषा में समझाए जाने से वे अपने अधिकारों और उपलब्ध प्रावधानों की जानकारी हासिल कर सकेंगे। इस दौरान श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों को प्रशासन के समक्ष रखा गया।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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