नशामुक्ति अभियान में कैदियों ने लिया संकल्प, बदलेंगे जीवन की राह
नशामुक्ति अभियान में आर्थर रोड जेल के कैदियों ने शराब, गांजा, हेरोइन और तंबाकू से दूर रहने के साथ नेक जीवन जीने का संकल्प लिया।
कैदियों के लिए कैरम भेंट
मुंबई, महाराष्ट्र। नशामुक्ति अभियान के तहत अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतर्गत अणुव्रत क्षेत्रीय समिति और अणुव्रत समिति दक्षिण मुंबई की ओर से आर्थर रोड जेल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मंगल शुभारंभ रोशन मेहता, मनोहर कछारा, सुरेश मेहता एवं नरेंद्र मुनोत ने अणुव्रत गीत के साथ किया। इस अवसर पर जेल सुपरिंटेंडेंट हर्षद अहीरराव, डिप्टी जेल सीनियर प्रशांत पाटील एवं जगताप का साहित्य भेंट कर एवं दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में नशे से दूर रहने, आत्मसंयम अपनाने और जीवन में सकारात्मक बदलाव की दिशा में प्रेरित किया गया।
योग और ध्यान से शुरुआत
नशामुक्ति अभियान में मुख्य वक्ता डॉ. दिलीप सरावगी ने सबसे पहले कैदियों को योग एवं ध्यान के प्रयोग करवाए। इसके बाद प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने गलत संगत और नशे से होने वाले दुष्परिणामों को विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने नशे से दूर रहने के उपाय बताते हुए आत्मसंयम और सकारात्मक सोच अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान कैदियों को अपने जीवन में अच्छे बदलाव के लिए प्रेरित किया गया। योग और ध्यान के माध्यम से मानसिक एकाग्रता तथा संयम की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश भी दिया गया। आयोजन का उद्देश्य कैदियों के बीच नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा।
नशे से दूरी का संकल्प
नशामुक्ति अभियान के दौरान कैदियों ने शराब, गांजा, हेरोइन, गुटखा, तंबाकू और खैनी आदि नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही उन्होंने क्रोध से बचने तथा जेल से घर लौटने के बाद नेक एवं अच्छा जीवन जीने और सभी के साथ सद्भावपूर्ण व्यवहार करने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में नशे से दूरी के साथ जीवन में नैतिकता और आत्मसंयम के महत्व पर जोर दिया गया। कैदियों को सकारात्मक सोच अपनाने और अपने व्यवहार में सुधार लाने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान नशामुक्ति को बेहतर जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
सरल नियमों पर जोर
नशामुक्ति अभियान के दौरान डिप्टी जेल अधीक्षक जगताप ने अणुव्रत समिति के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छोटे छोटे सरल नियमों को अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने आचार्य श्री महाश्रमण द्वारा नैतिकता, सद्भावना एवं नशामुक्ति के संदेश के प्रसार की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की आशा व्यक्त की। कैदियों के लिए कैरम की व्यवस्था भी अणुव्रत समिति, मुंबई की ओर से की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष रमेश सोनी, मंत्री गणपत सोनी, क्षेत्रीय संयोजक नरेंद्र मुनोत एवं पूरी टीम का विशेष सहयोग रहा।
सकारात्मक बदलाव
नशामुक्ति अभियान के अंत में महाराष्ट्र प्रभारी रोशन मेहता ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम में नशे से दूरी, आत्मसंयम, सद्भावना और संस्कारित जीवन की दिशा में सकारात्मक संदेश दिया गया। आयोजन के माध्यम से कैदियों को गलत संगत और नशे से बचने तथा जेल से बाहर आने के बाद बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में योग, ध्यान और प्रेरणादायी उद्बोधन के माध्यम से जीवन में सकारात्मक बदलाव अपनाने पर जोर रहा। अणुव्रत समिति की ओर से आयोजित इस पहल में नैतिकता और सद्भावना के साथ नशामुक्त जीवन की दिशा में संकल्प को प्रमुखता दी गई।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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