शेयर बाजार का हाल, लगातार 8वें सप्ताह विदेशी निवेशकों की बिकवाली
शेयर बाजार का हाल विदेशी बिकवाली और घरेलू खरीदारी से प्रभावित है। विदेशी निवेशकों ने 30,294 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, घरेलू संस्थानों ने खरीदारी की।
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली, भारत। शेयर बाजार का हाल इस सप्ताह विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली और घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत खरीदारी से तय हुआ। विदेशी निवेशकों ने लगातार 8वें सप्ताह शुद्ध बिकवाली करते हुए 30,294 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 30,313 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। इस खरीदारी ने विदेशी पूंजी की निकासी के दबाव को काफी हद तक संभाला और शुक्रवार को बाजार में आई वापसी को सहारा दिया। आंकड़े बताते हैं कि विदेशी बिकवाली के बावजूद घरेलू निवेशक बाजार में लगातार पूंजी लगा रहे हैं। [1]
घरेलू खरीदारी का सहारा
शेयर बाजार का हाल अक्टूबर में भी विदेशी बिकवाली के दबाव को दिखा रहा है। बजाज ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च पबित्रो मुखर्जी के मुताबिक, अक्टूबर में अब तक विदेशी निवेशक 39,779 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली कर चुके हैं। इसी अवधि में घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 40,355 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। सितंबर के आखिरी कारोबारी स्तर 22,620.45 के मुकाबले निफ्टी में 0.44 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। पिछले 8 सप्ताह से विदेशी निवेशक लगातार बिकवाल बने हुए हैं, जबकि घरेलू संस्थान लगातार खरीदारी कर रहे हैं।
विदेशी बिकवाली का असर व्यापक रहा है। सितंबर 2026 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयरों से शुद्ध 35,861 करोड़ रुपये निकाले, जबकि अगस्त में 29,628 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया था। पीएल कैपिटल यानी प्रभुदास लीलाधर की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में वित्तीय सेवाओं, ऊर्जा, ऑटोमोबाइल और धातु क्षेत्रों में व्यापक बिकवाली हुई। वित्तीय सेवा क्षेत्र से सबसे ज्यादा 13,147 करोड़ रुपये निकाले गए। इसके विपरीत, अगस्त में इसी क्षेत्र में 10,494 करोड़ रुपये का निवेश आया था। सितंबर की निकासी इस क्षेत्र के दीर्घकालिक औसत मासिक बहिर्वाह से लगभग 6 गुना अधिक रही।
किन क्षेत्रों में निवेश
शेयर बाजार का हाल केवल बिकवाली की कहानी नहीं है, क्योंकि कुछ क्षेत्रों में विदेशी निवेश सकारात्मक बना हुआ है। पीएल कैपिटल की रिसर्च एनालिस्ट मन्नत गांधी के अनुसार, कंज्यूमर सर्विसेज क्षेत्र में 2,333 करोड़ रुपये का सबसे अधिक निवेश आया। यह लगातार चौथा महीना था जब इस क्षेत्र में शुद्ध निवेश दर्ज हुआ। सर्विसेज क्षेत्र में 2,302 करोड़ रुपये, हेल्थकेयर में 2,117 करोड़ रुपये और कंस्ट्रक्शन में 1,311 करोड़ रुपये का निवेश आया। इन आंकड़ों से पता चलता है कि विदेशी निवेशक सभी क्षेत्रों से एक समान तरीके से पैसा नहीं निकाल रहे हैं, बल्कि कुछ क्षेत्रों में निवेश के अवसर भी तलाश रहे हैं।
जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की कुल शुद्ध निकासी लगभग 2.60 लाख करोड़ रुपये रही। विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक आर्थिक दबाव और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी आने वाले समय में बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती है। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत खरीदारी गिरावट को सीमित रखने में मदद कर रही है। निवेश के रुझान में बैंकिंग और सूचना प्रौद्योगिकी से इलेक्ट्रिकल्स तथा अलौह धातुओं जैसे क्षेत्रों की ओर बदलाव भी देखा गया है। शेयर बाजार का हाल फिलहाल विदेशी बिकवाली और घरेलू निवेश के बीच संतुलन पर निर्भर दिखाई देता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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