बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए, मानव तस्करी और घुसपैठ के नेटवर्क का शक
बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए, गोलपाड़ा में 12 लोगों के मामले में नौकरी का झांसा और मानव तस्करी की आशंका की विस्तृत जांच जारी है। इसकी पड़ताल जारी है।
प्रतीकात्मक फोटो
गोलपाड़ा, असम। बांग्लादेशी नागरिकों के 12 सदस्यीय समूह को शुक्रवार रात गोलपाड़ा कस्बे में पकड़ा गया। समूह में 9 वयस्क और 3 बच्चे शामिल थे। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के अनुसार, एक स्थानीय व्यक्ति ने लोगों को घबराई हालत में घूमते और रोते देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि समूह को नौकरी दिलाने का भरोसा देकर भारत लाया गया था। अधिकारियों को मानव तस्करी और अवैध घुसपैठ से जुड़े संभावित नेटवर्क की आशंका है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। [1]
नौकरी का झांसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, समूह के सदस्यों ने बताया कि वे 5 अक्टूबर को मेघालय के जाफलोंग रास्ते भारत पहुंचे थे। कथित तौर पर साबोर नाम के एक बिचौलिए ने उन्हें सीमा पार कराई। इसके बाद एक खासी व्यक्ति उन्हें गुवाहाटी ले गया, जहां वे 3 दिन तक ठहरे। मुख्यमंत्री के मुताबिक, बिचौलिया गुवाहाटी रेलवे स्टेशन के पास उनसे 7000 बांग्लादेशी टका और एक मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया। समूह फिर बस से गोलपाड़ा पहुंचा, जहां एक स्थानीय व्यक्ति की सूचना पर पुलिस ने उन्हें अपने कब्जे में लिया।
तस्करी की आशंका
मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार, बिचौलिए ने समूह को गुवाहाटी की एक कंपनी में काम कर रहे अन्य बांग्लादेशी नागरिकों के वीडियो कॉल दिखाए थे। इसी आधार पर उसने रोजगार दिलाने का भरोसा दिया। बताया गया कि 9 वयस्कों के लिए कंपनी के मालिक से प्रति व्यक्ति 20000 रुपये लेने की बात थी और रकम को मजदूरी से समायोजित किया जाना था। इस दावे की जांच की जा रही है कि नौकरी का वादा वास्तविक था या लोगों को धोखे से सीमा पार लाया गया। फिलहाल मानव तस्करी और अवैध प्रवासन के पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
जांच का दायरा
पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों के मामले में अधिकारियों की जांच का मुख्य केंद्र सीमा पार कराने वाले बिचौलियों, गुवाहाटी में ठहरने की व्यवस्था और कथित रोजगार प्रस्ताव से जुड़े लोगों की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समूह को भारत लाने और उनकी आवाजाही में मदद करने वालों का पता लगाया जाएगा तथा कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। असम के कई जिलों की सीमा बांग्लादेश से लगती है, इसलिए इस घटना ने सीमा निगरानी और रोजगार के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी को लेकर सवाल उठाए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही बांग्लादेशी नागरिकों को लाने वाले कथित नेटवर्क की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।