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परीक्षा के बीच छात्र की मौत, जांच के दायरे में कई अहम पहलू

छात्र की मौत के मामले में पुलिस परीक्षा के दबाव समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। कैंपस में प्रदर्शन और चिकित्सा सुविधाओं की मांग भी तेज हुई।

By अजय त्यागी
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advertisement13Aug2026%20copy.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

रांची, झारखंड। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान यानी IIIT रांची के प्रथम वर्ष के एक छात्र की मौत के मामले में पुलिस जांच कर रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार रात छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया था। कमरा अंदर से बंद मिलने पर हॉस्टल के अन्य छात्रों ने संस्थान के प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने छात्र की पहचान बिहार के निवासी के रूप में बताई है। शुरुआती जांच में परीक्षा के दबाव की आशंका जताई गई है, लेकिन मौत का वास्तविक कारण अभी जांच का विषय है।  [1]

जांच में नए पहलू

रांची सदर के उप पुलिस अधीक्षक संजीव बेसरा के अनुसार, छात्र की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। उन्होंने बताया कि परीक्षाएं 8 अक्टूबर से शुरू हुई थीं और शुरुआती पड़ताल में परीक्षा का दबाव एक संभावित पहलू सामने आया है। हालांकि, पुलिस ने अभी इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं बताया है। छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स, रांची भेजा गया है। हॉस्टल के कमरे को सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक टीम ने वहां से छात्र का मोबाइल फोन तथा अन्य सामान जांच के लिए जब्त किया है। परिवार को सूचना दे दी गई है।

कैंपस में रोष

छात्र की मौत के बाद संस्थान परिसर में विद्यार्थियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारी परीक्षाओं के दौरान बेहतर काउंसलिंग सहायता और चिकित्सा सुविधाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि परिसर में उचित चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध होती तो छात्र को बचाने की संभावना हो सकती थी। चिकित्सा सहायता में कथित देरी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। पुलिस विद्यार्थियों के बयान दर्ज कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के पीछे परीक्षा संबंधी तनाव था या कोई अन्य कारण।

आयोग भी सक्रिय

छात्र की मौत का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। आयोग के सदस्य और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बताया कि मामले का संज्ञान लिया जा रहा है। उनके अनुसार, जांच में कथित चिकित्सा देरी, संभावित प्रशासनिक लापरवाही और घटना से जुड़ी परिस्थितियों पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने शिक्षा मंत्रालय, कानून प्रवर्तन अधिकारियों और जांच एजेंसियों को आवश्यक निर्देश देने की बात कही है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और किसी अंतिम निष्कर्ष की घोषणा नहीं हुई है। छात्र की मौत के कारणों और चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े सवालों पर आगे की जांच से स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief