बीकानेर में नगर वाचनालय के पुनरोद्धार की उम्मीद, बीकाजी ग्रुप आगे आया
नगर वाचनालय के पुनरोद्धार के लिए बीकाजी ग्रुप के चेयरमैन दीपक अग्रवाल ने सहयोग का आश्वासन दिया। पुस्तकालय समिति ने जताया आभार।
दीपक अग्रवाल से शिष्टाचार भेंट
बीकानेर, राजस्थान। म्यूजियम सर्कल स्थित राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय विकास समिति के शिष्टमंडल ने शारदीय नवरात्र की पूर्व संध्या पर बीकाजी फूड इंटरनेशनल के करणी इंडस्ट्रियल एरिया परिसर में बीकाजी ग्रुप के चेयरमैन दीपक अग्रवाल से शिष्टाचार भेंट की। समिति के अध्यक्ष एवं मंडल पुस्तकालयाध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने बताया कि पूर्व प्रिंसिपल, चिंतक और लेखक प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी के नेतृत्व में पहुंचे शिष्टमंडल ने पुस्तकालय की गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान नगर वाचनालय के पुनरोद्धार के लिए आर्थिक सहयोग का अनुरोध किया गया, जिस पर दीपक अग्रवाल ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। [विडियो]
पुस्तकालय विकास
मंडल पुस्तकालय की ओर से केईएम रोड पर वर्ष 1945 से नगर वाचनालय संचालित किया जा रहा है। यहां पाठकों को प्रतिदिन समाचार पत्र और पत्रिकाएं पढ़ने की सुविधा मिलती है। शहर के अंदरूनी हिस्से में स्थित यह वाचनालय बुजुर्गों, महिलाओं, स्कूली विद्यार्थियों, बच्चों और दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी है, क्योंकि उन्हें म्यूजियम सर्कल स्थित मंडल पुस्तकालय तक आने जाने की जरूरत नहीं पड़ती। समिति ने नगर वाचनालय के पुनरोद्धार के लिए बीकाजी ग्रुप से आर्थिक सहायता मांगी। दीपक अग्रवाल ने अनुरोध स्वीकार करते हुए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया। शिष्टमंडल ने उन्हें फोटो फ्रेम भेंट कर अभिनंदन किया और नवरात्र की शुभकामनाएं दीं।
पढ़ाई का महत्व
दीपक अग्रवाल ने मंडल पुस्तकालय को बीकानेर में शिक्षा के क्षेत्र की शान बताया। उन्होंने अपने स्कूली और उच्च शिक्षा के अनुभव साझा करते हुए पुस्तकों, पुस्तकालयों, वाचनालयों और शब्दकोशों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी कुशाग्र और बुद्धिमान हैं, लेकिन उनके विकास के लिए अभिभावकों और शिक्षकों का सही मार्गदर्शन जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अंग्रेजी के साथ मातृभाषा का ज्ञान देने का सुझाव भी दिया। इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी ने कहा कि पुस्तकालय विद्यार्थियों को अकादमिक पुस्तकों के अलावा साहित्य, जीवनियां और विविध विषय पढ़ने का अवसर देते हैं।
ज्ञान और संस्कार
प्रोफेसर डॉ. नरसिंह बिनानी ने पुस्तकालयों और वाचनालयों को विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण तथा नैतिक गुणों के विकास में महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, यहां मिलने वाली विविध अध्ययन सामग्री विद्यार्थियों की समझ और दृष्टिकोण को व्यापक बनाने में सहायक होती है। इस अवसर पर पुस्तकालय विकास समिति की परामर्शदाता नम्रता चौधरी और वरिष्ठ पाठक किशन कोठारी सहित शिष्टमंडल के अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार रखे। समिति के सदस्यों ने नगर वाचनालय के पुनरोद्धार के लिए सहयोग का आश्वासन देने पर दीपक अग्रवाल का आभार जताया। इस पहल से नगर वाचनालय की सुविधाओं को बेहतर बनाने की उम्मीद जगी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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