खनन विवाद में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत, गांव में तनाव
अतर सिंह भड़ाना की भरतपुर में क्रशर प्लांट विवाद के दौरान हमले में मौत हुई। पुलिस जांच में जुटी है, परिजनों और ग्रामीणों के आरोप भी सामने आए हैं।
पूर्व भाजपा विधायक अतर सिंह भड़ाना
भरतपुर, राजस्थान। पूर्व भाजपा विधायक अतर सिंह भड़ाना की रविवार शाम 11 अक्टूबर 2026 को भौंडा गांव में क्रशर प्लांट विवाद के दौरान हुए हमले के बाद मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, भड़ाना क्रशर प्लांट पर पहुंचे थे, जहां स्थानीय ग्रामीणों के साथ उनका टकराव हो गया। इस दौरान उन पर लाठी और पत्थरों से हमला किए जाने की जानकारी सामने आई। गंभीर रूप से घायल भड़ाना को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, फिर जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। [1] [विडियो]
क्रशर प्लांट विवाद
अतर सिंह भड़ाना की मौत के पीछे क्रशर प्लांट दोबारा शुरू करने और खनन क्षेत्र तक रास्ते को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद बताया जा रहा है। भौंडा और रायपुर गांव के ग्रामीण करीब 2 साल से खनन गतिविधियों का विरोध कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप था कि प्लांट तक वाहनों की आवाजाही के लिए चरागाह भूमि का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस मुद्दे पर पहले भी विरोध प्रदर्शन हुए थे। रिपोर्टों के अनुसार, क्रशर प्लांट करीब 1 साल से बंद था और उसे दोबारा शुरू करने के प्रयासों के बाद तनाव बढ़ गया।
साथी भी घायल
हमले के दौरान अतर सिंह भड़ाना के सहयोगी और निजी सुरक्षाकर्मी गगन शर्मा भी गंभीर रूप से घायल हुए। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। भड़ाना की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। गगन शर्मा को भरतपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के मौजूद होने की जानकारी सामने आई है। कुछ समाचार रिपोर्टों में हमलावरों की संख्या 70 से 80 तक बताई गई है, हालांकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
परिजनों ने उठाए सवाल
अतर सिंह भड़ाना की पत्नी कमलेश भड़ाना ने घटना को लेकर पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले से विवाद और धमकियों की जानकारी होने के बावजूद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने गोली लगने की आशंका भी जताई है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में चिकित्सकों की ओर से गोली लगने की पुष्टि नहीं बताई गई है। ग्रामीणों और भड़ाना के पक्ष के लोगों के बीच विवाद की परिस्थितियों को लेकर अलग अलग दावे सामने आए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमले की परिस्थितियों तथा जिम्मेदार लोगों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और जांच
अतर सिंह भड़ाना राजस्थान की बयाना विधानसभा सीट से 2003 में भाजपा के विधायक चुने गए थे और 2008 तक इस पद पर रहे। वह क्षेत्र में प्रभावशाली नेता के रूप में जाने जाते थे। उनकी मौत के बाद खनन गतिविधियों, जमीन के इस्तेमाल और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने घटनास्थल पर अतिरिक्त बल तैनात किया है, ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे। अतर सिंह भड़ाना की मौत के मामले में अब जांच का मुख्य केंद्र हमले की परिस्थितियां, लंबे समय से चल रहा क्रशर प्लांट विवाद और घटना से पहले मिली शिकायतें हैं। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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