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सीजेपी नेता दीवार फांदकर पहुंचे, तिरंगा फहराया, अब पुलिस हिरासत में

सीजेपी नेता दीवार फांदकर जंतर मंतर पहुंचे और तिरंगा फहराया। सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे समेत कई कार्यकर्ता पुलिस हिरासत में लिए गए।

By अजय त्यागी
1 min read
advertisement13Aug2026%20copy.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg दीवार फांदकर जाते कार्यकर्ता

दीवार फांदकर जाते कार्यकर्ता

नई दिल्ली। सीजेपी नेता मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 की सुबह तिरंगा लेकर जंतर मंतर पहुंचे। पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक्स पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें कार्यकर्ता दीवार फांदकर प्रदर्शन स्थल में प्रवेश करते, तिरंगा फहराते और फिर दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े जाते दिखाई देते हैं। दीपके ने पोस्ट में बताया कि मुख्य प्रवक्ता सौरव दास, राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका, अजिंक्य शिंदे और पार्टी के अन्य सदस्य हिरासत में लिए गए। यह कार्रवाई जंतर मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल की सूची से हटाए जाने के अगले दिन हुई।  [विडियो]

वीडियो का दृश्य

दीपके ने अपनी पोस्ट में कार्यकर्ताओं के तिरंगे के साथ जंतर मंतर पहुंचने और हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए लिखा कि विरोध को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाकर खत्म नहीं किया जा सकता। वीडियो में कार्यकर्ता दीवार पार कर परिसर में दाखिल होते और पुलिस उन्हें पकड़ती दिखाई देती है। आशुतोष रंका के हाथ में राष्ट्रीय ध्वज नजर आता है और प्रदर्शनकारियों के नारे भी सुनाई देते हैं। पोस्ट में दीपके ने सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे के नाम लेकर अन्य सदस्यों की हिरासत का भी उल्लेख किया।

इस्तीफे की मांग

सीजेपी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करना चाहते थे। पार्टी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाती रही है। ये आरोप पार्टी के हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जा सकता। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस सूत्रों को संदेह था कि कार्यकर्ता जंतर मंतर से सटे जनता दल यूनाइटेड कार्यालय के परिसर में दाखिल हुए और वहां से दीवार फांदकर प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे। पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे सहित अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

पुलिस का आदेश

दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को जंतर मंतर को विरोध प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल की सूची से हटाने की घोषणा की थी। इसके बाद सीजेपी ने पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि वह वहां प्रदर्शन के लिए तारीख और समय बताए। पार्टी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा था कि पुलिस आम तौर पर अनुमति के लिए 10 दिन पहले आवेदन करने को कहती है, इसलिए अब पुलिस को तारीख तय करनी चाहिए। अगले दिन कार्यकर्ता तिरंगा लेकर जंतर मंतर पहुंचे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने पास की इमारत से दीवार पार कर परिसर में प्रवेश किया और फिर उन्हें हिरासत में लिया गया।

दीपके का संदेश

सीजेपी नेता की इस कार्रवाई के बाद अभिजीत दीपके ने अपने संदेश में विरोध जारी रखने की बात कही। उनके पोस्ट का स्पष्ट संदेश था कि जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने से आंदोलन नहीं रुकेगा। वीडियो में कार्यकर्ताओं के परिसर में प्रवेश करने, तिरंगा फहराने और पुलिस द्वारा पकड़े जाने का दृश्य दिखाई देता है। उपलब्ध समाचार रिपोर्टों में हिरासत के बाद सभी सदस्यों की रिहाई या आगे की कानूनी कार्रवाई की पूरी जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए उनकी मौजूदा स्थिति पर बिना आधिकारिक पुष्टि के कोई दावा करना उचित नहीं होगा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट विश्वस्त समाचार एजेंसियों और स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief