रामलीला मंचन में राम वनगमन और केवट संवाद से मिला आदर्शों का संदेश
रामलीला मंचन में दशरथ कैकयी संवाद, राम वनगमन और केवट प्रसंगों ने दर्शकों को भावुक किया। कलाकारों ने त्याग, भक्ति और वचनपालन का संदेश भी दिया।
रामलीला मंचन में राम वनगमन
कोटा, राजस्थान (राहुल पारीक)। आरके पुरम ए स्थित श्री महर्षि गौतम रामलीला पार्क में श्री रामलीला आयोजन समिति, आरके पुरम ए और नगर निगम कोटा के संयुक्त तत्वावधान में रामलीला मंचन किया गया। समिति अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा और महामंत्री गिरिराज गौतम ने बताया कि मंचन के दौरान दशरथ कैकयी संवाद, राम वनगमन और केवट संवाद के प्रसंग प्रस्तुत किए गए। रामायण की चौपाइयों, संवादों और सजीव अभिनय के जरिए कलाकारों ने त्याग, कर्तव्य, वचनपालन और भक्ति के महत्व को दर्शाया। इन प्रसंगों ने दर्शकों को भावुक किया और भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन का संदेश सामने रखा। [विडियो]
वचनपालन का संदेश
समिति के मीडिया प्रभारी पीपी गुप्ता ने बताया कि दशरथ कैकयी संवाद में कैकयी के दो वरदान मांगने और राजा दशरथ की विवशता का मार्मिक चित्रण किया गया। पिता के वचन की मर्यादा बनाए रखने के लिए भगवान राम ने सहर्ष वन जाने का निर्णय लिया। इस प्रसंग में रामचरितमानस की चौपाई रघुकुल रीति सदा चलि आई, प्राण जाहुँ बरु बचनु न जाई के भाव को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। मंचन के जरिए रघुकुल की वचनपालन परंपरा और भगवान राम की मर्यादा को प्रभावी रूप से उजागर किया गया।
राम वनगमन के दृश्य में माता सीता और लक्ष्मण के साथ भगवान राम के वन प्रस्थान का मंचन किया गया। राजमहल के सुखों का त्याग कर पिता की आज्ञा मानने वाले राम के चरित्र ने दर्शकों को भावुक किया। इस प्रसंग में रामचरितमानस की चौपाई सुनु जननी सोइ सुतु बड़भागी, जो पितु मातु बचन अनुरागी के माध्यम से माता पिता की आज्ञा के सम्मान का संदेश दिया गया। कलाकारों ने संवाद और अभिनय से इस प्रसंग की भावनात्मकता को उभारा। रामलीला मंचन में आदर्श, त्याग और कर्तव्य के मूल्यों को प्रमुखता मिली।
भक्ति और समानता
केवट द्वारा भगवान राम को गंगा पार कराने के प्रसंग ने भक्ति, प्रेम और समानता का संदेश दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पंकज मेहता रहे। विशिष्ट अतिथि गोविन्द शर्मा, मुख्य प्रायोजक अतिथि और एमएसएम हॉस्पिटल के चेयरमैन आरबी शर्मा, डॉ. अंकुर शर्मा, आरके पुरम भाजपा मंडल अध्यक्ष अक्षय चौधरी, किशन पाठक और ईश्वर शर्मा उपस्थित रहे। समिति के प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी पीपी गुप्ता ने कहा कि रामलीला मंचन के माध्यम से भगवान श्रीराम के त्याग, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा के संदेश समाज तक पहुंचाए जा रहे हैं।
समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सीताराम शर्मा, संयोजक चंद्र प्रकाश माहेश्वरी, सत्य प्रकाश शर्मा, अजय गट्टानी, अशोक जेथलिया, अंजू शर्मा, मनीषा मालव, समृद्धि शर्मा, सतीश चतुर्वेदी, राजीव पाटनी, राजू कुशवाहा, आरएस सोलंकी, रामस्वरूप विजय और रामस्वरूप गोचर सहित अन्य सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया। आयोजन समिति के अनुसार, रामलीला के प्रसंगों के जरिए भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, त्याग, मर्यादा और वचनपालन की सीख लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। रामलीला मंचन में प्रस्तुत संवादों और दृश्यों ने इन मूल्यों को दर्शकों के सामने प्रभावी ढंग से रखा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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