अभिजीत दिपके हिरासत में, आज दोपहर मजिस्ट्रेट के सामने पेशी तय
अभिजीत दिपके दिल्ली पुलिस की हिरासत में हैं। आज दोपहर 12 बजे विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेशी प्रस्तावित है। मामले में सुरक्षा बढ़ाई गई है।
अभिजीत दिपके पुलिस हिरासत में
नई दिल्ली, दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दिपके पुलिस हिरासत में हैं और अब से कुछ ही देर में उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना प्रस्तावित है। उनकी कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। दिपके को शुक्रवार को तिरंगा मार्च में शामिल होने से पहले दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद पार्टी ने उनके ठिकाने की जानकारी नहीं मिलने का आरोप लगाया। अभिजीत दिपके की पेशी को लेकर मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई है। फिलहाल इस मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर है। [1] [विडियो]
हिरासत का मामला
अभिजीत दिपके को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लिया गया था। यह मार्च कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आयोजित होना था। पार्टी ने मार्च के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े कथित चुनावी अनियमितताओं के मुद्दे उठाने की योजना बनाई थी। पुलिस ने निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला देते हुए कार्रवाई की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के तहत निवारक कार्रवाई शुरू की गई है। इस कार्रवाई की कानूनी प्रक्रिया अब मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के साथ आगे बढ़ेगी।
दिपके की पार्टी ने हिरासत के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेता अजिंक्य शिंदे ने आरोप लगाया कि हिरासत के बाद दिपके के परिवार, वकीलों और पार्टी के सदस्यों को उनके बारे में जानकारी नहीं मिल रही थी। पार्टी ने इस घटनाक्रम को अपहरण बताते हुए सवाल किया कि दिपके कहां हैं। दूसरी ओर, पुलिस की कार्रवाई निवारक हिरासत के रूप में बताई गई है। अभिजीत दिपके के मामले में आरोपों और पुलिस के आधिकारिक पक्ष को अलग अलग समझना जरूरी है। मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के बाद हिरासत के आधार और आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।
पेशी और सुरक्षा
अभिजीत दिपके को आज दोपहर करीब 12 बजे मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने की जानकारी उनकी कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने दी। इस घटनाक्रम के मद्देनजर थाने के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। पेशी के समय दिपके के वकील कानूनी प्रक्रिया में अपना पक्ष रख सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मजिस्ट्रेट के समक्ष सुनवाई के नतीजे की पुष्टि नहीं है। इसलिए पेशी को रिहाई या किसी अन्य आदेश से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। अभिजीत दिपके की हिरासत पर आगे का घटनाक्रम मजिस्ट्रेट की कार्यवाही और संबंधित आदेशों पर निर्भर करेगा।
इस मामले से जुड़ी एक और अहम बात यह है कि तिरंगा मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य इलाकों में निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन पर कई प्राथमिकी दर्ज की हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू थे और बार बार चेतावनी देने के बावजूद भीड़ जमा हुई। पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। हालांकि, इन प्राथमिकी में किन लोगों के खिलाफ क्या आरोप दर्ज हैं, इसका पूरा विवरण उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है। ऐसे में सभी प्रदर्शनकारियों को एक ही आरोप में शामिल मानना सही नहीं होगा।
महिला संगठनों की मांग
इसी विरोध प्रदर्शन के व्यापक संदर्भ में महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आज दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकाला। उन्होंने निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान महिलाओं, ट्रांसजेंडर और नॉन बाइनरी प्रदर्शनकारियों के कथित यौन उत्पीड़न तथा शारीरिक दुर्व्यवहार के आरोपों पर कार्रवाई की मांग की। संगठनों ने वीडियो, तस्वीरों और पीड़ितों के बयानों का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। अभिजीत दिपके की हिरासत, प्रस्तावित मजिस्ट्रेट पेशी और प्रदर्शनकारियों की शिकायतें फिलहाल अलग अलग पहलू हैं, जिन पर आधिकारिक कार्रवाई और जांच के नतीजे अहम होंगे।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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