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नवग्रह समधानम् कार्यशाला में आध्यात्मिक विषयों पर हुआ विशेष मंथन

नवग्रह समधानम् में दिलीप सरावगी ने ग्रह विज्ञान और मंत्रों की जानकारी दी। साध्वीवृंद के सान्निध्य में तेरापंथ समाज के सदस्यों ने भी भाग लिया।

By अजय त्यागी
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advertisement13Aug2026%20copy.jpg advertisement13Aug2026%20copy.jpg नवग्रह समधानम् कार्यशाला

नवग्रह समधानम् कार्यशाला

मुंबई, महाराष्ट्र। कालबादेवी स्थित महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में तेरापंथ समाज दक्षिण मुंबई की विभिन्न संस्थाओं के तत्वावधान में नवग्रह समधानम् कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का विषय नवग्रह का रहस्य, मंत्रों में समाधान रहा। शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी, शासनश्री साध्वीश्री मंजुरेखाजी और सहवर्ती साध्वीवृंद का सान्निध्य रहा। मुख्य वक्ता दिलीप सरावगी ने ग्रह विज्ञान और मंत्रों से जुड़ी जानकारी साझा की। दक्षिण मुंबई सभा के अध्यक्ष देवेन्द्र डागलिया ने उनका स्वागत किया और कार्यशाला की सुव्यवस्थित प्रस्तुति पर प्रसन्नता जताई। कार्यक्रम में समाज के सदस्यों ने उत्साह से भाग लिया और जानकारी सुनी।  [विडियो]

आध्यात्मिक पहल

शासनश्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने शुभ और अशुभ कर्म लेकर आता है। उन्होंने आध्यात्मिक साधना के माध्यम से ग्रह विज्ञान को समझने के महत्व पर विचार रखे। शासनश्री साध्वीश्री मंजुरेखाजी ने कहा कि पारंपरिक मान्यताओं में ग्रहों का जीवन पर प्रभाव माना जाता है। उन्होंने बताया कि ग्रहों के संतुलन को पारिवारिक और सामाजिक जीवन में सामंजस्य से जोड़ा जाता है। उनके अनुसार, विशिष्ट मंत्रों का स्वाध्याय आध्यात्मिक अभ्यास का हिस्सा है। नवग्रह समधानम् कार्यशाला में इन विचारों के जरिए कर्म, साधना और ग्रहों से जुड़ी मान्यताओं पर चर्चा हुई।

मंत्र चर्चा

मुख्य वक्ता दिलीप सरावगी ने ग्रह विज्ञान के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने सूर्य, चंद्र, मंगल, शनि और गुरु सहित ग्रहों से संबंधित पारंपरिक मान्यताओं तथा मंत्रों की जानकारी दी। नवग्रह समधानम् कार्यशाला में श्रावक और श्राविकाओं ने एकाग्रता के साथ प्रस्तुति सुनी और विषय से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं। वक्ता की सरल शैली ने उपस्थित लोगों को विषय समझने का अवसर दिया। कार्यक्रम में मंत्रों के स्वाध्याय और ग्रहों की अनुकूलता से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं पर प्रकाश डाला गया। आयोजन का वातावरण आध्यात्मिक चिंतन, श्रद्धा और जिज्ञासा से परिपूर्ण रहा।

समाज सहभाग

कार्यक्रम में आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन के अध्यक्ष कुंदनमल धाकड़, कार्याध्यक्ष गणपत डागलिया, तेरापंथ युवक परिषद दक्षिण मुंबई के अध्यक्ष सुमित सुराणा और दक्षिण मुंबई महिला मंडल की अध्यक्षा लतिका डागलिया उपस्थित रहीं। महिला मंडल की उपाध्यक्षा पुष्पा कच्छारा, अणुव्रत समिति दक्षिण मुंबई के संयोजक नरेंद्र मुनोत तथा दक्षिण मुंबई सभा के उपाध्यक्ष दिनेश धाकड़ सहित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। साध्वीश्री उदितप्रभाजी, साध्वीश्री निर्भयप्रभाजी और साध्वीश्री चेलनाश्रीजी ने भी सहभागिता की। नवग्रह समधानम् कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही और आयोजन को सामूहिक सहयोग मिला।

कार्यक्रम का संदेश

नवग्रह समधानम् कार्यशाला में उपस्थित समाजजनों ने ग्रह विज्ञान, मंत्रों के पारंपरिक महत्व और आध्यात्मिक अभ्यास से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। दक्षिण मुंबई सभा के अध्यक्ष देवेन्द्र डागलिया ने मुख्य वक्ता की प्रस्तुति की सराहना की। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर जानकारी साझा करना तथा समाज के लोगों को सामूहिक संवाद का अवसर देना रहा। कार्यक्रम की जानकारी सभा के मीडिया प्रभारी नितेश धाकड़ और दर्शन डागलिया ने दी। तेरापंथ समाज की विभिन्न संस्थाओं की सहभागिता के साथ आयोजित इस कार्यशाला में ज्ञान, श्रद्धा और आध्यात्मिक चिंतन पर जोर रहा।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट प्रेस विज्ञप्ति से प्राप्त तथ्यों पर आधारित है। इसका प्रकाशन केवल सूचना के उद्देश्य से किया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए लेखक, प्रकाशक एवं संपादक किसी भी रूप में उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

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Ajay Tyagi - Editor In Chief

Ajay Tyagi

Editor-in-Chief